26 मई को, चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने “संयुक्त राष्ट्र चार्टर के उद्देश्यों और सिद्धांतों को बनाए रखना और संयुक्त राष्ट्र को केंद्र में रखते हुए अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को मजबूत करना” विषय पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान, उन्होंने संयुक्त राष्ट्र के कार्यों को आगे बढ़ाने में चीन के योगदान को प्रस्तुत किया, और बैठक के बाद उन्होंने मीडिया के सवालों के जवाब दिए।
यूएन में चीन के योगदान की चर्चा करते हुए वांग यी ने कहा कि इस वर्ष संयुक्त राष्ट्र में चीन लोक गणराज्य की वैध सीट की बहाली की 55वीं वर्षगांठ है। पिछले 55 वर्षों से, सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्य के रूप में, चीन ने संयुक्त राष्ट्र के कार्यों में सक्रिय रूप से भाग लिया है और उन्हें बढ़ावा दिया है।
वैश्विक उथल-पुथल और बदलाव के इस दौर में चीन ने अपना झंडा बुलंद किया है। राष्ट्रपति शी चिनफिंग की मानवता के लिए साझा भविष्य वाले समुदाय के निर्माण की महत्वपूर्ण अवधारणा और चार वैश्विक पहलों को अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तेजी से व्यापक समर्थन प्राप्त हुआ है।
अंतरराष्ट्रीय संघर्षों के इस दौर में चीन शांति वार्ता को बढ़ावा देता है। हम संवेदनशील मुद्दों को सुलझाने के लिए चीनी दृष्टिकोण का पालन करते हैं, जिसमें संयुक्त राष्ट्र में यूक्रेन संकट पर “शांति मित्र” समूह की स्थापना करना शामिल है, चीन विश्व शांति में अपना ज्ञान और शक्ति का योगदान देना जारी रखे हुए है।
वैश्विक विकास चुनौतियों के इस दौर में, चीन सशक्तिकरण और दक्षता में वृद्धि कर रहा है। वैश्विक विकास पहल ने 23 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक की राशि जुटाई है, 1,800 से अधिक सहयोगात्मक परियोजनाएं चलाई हैं, विकासशील देशों के लिए हजारों क्षमता-निर्माण परियोजनाएं संचालित की हैं, 2 लाख से अधिक लोगों को प्रशिक्षित किया है, और वैश्विक दक्षिण के विकास और पुनरुद्धार में दृढ़ता से सहयोग दिया है।
गंभीर जन संकट के मुकाबले में, चीन ने हजारों मील दूर से सहायता प्रदान की है। वर्ष 2015 में तीन पश्चिम अफ्रीकी देशों को इबोला महामारी के प्रकोप से निपटने में पूर्ण समर्थन देने के बाद, चीन हाल ही में इबोला के प्रकोप से जूझ रहे कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य और युगांडा को अपनी क्षमता के अनुसार सहायता प्रदान करने के लिए तत्पर है। इस समय, चीनी चिकित्सा दल जमीनी स्तर पर तैनात हैं और महामारी की अग्रिम पंक्ति में अपने अफ्रीकी भाइयों के साथ मिलकर लड़ रहे हैं।
वांग यी ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र में दूसरे सबसे बड़े योगदानकर्ता के रूप में हमने अपने वित्तीय दायित्वों को पूरी निष्ठा से निभाया है, चीन-संयुक्त राष्ट्र शांति एवं विकास कोष और वैश्विक विकास एवं दक्षिण-दक्षिण सहयोग कोष की स्थापना की है और उनका प्रभावी ढंग से उपयोग किया है, अंतर्राष्ट्रीय मध्यस्थता न्यायालय और विश्व डेटा संगठन की स्थापना का प्रस्ताव रखा है, विश्व कृत्रिम बुद्धिमत्ता सहयोग संगठन की स्थापना की तैयारी की है, और समुद्री जैव विविधता संबंधी समझौते के सचिवालय के लिए सक्रिय रूप से आवेदन किया है, इस प्रकार चीन ने बहुपक्षवाद के लिए एक मजबूत आधार बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं।
बैठक के बाद पत्रकारों से मुलाकात के दौरान, वांग यी ने महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के कार्यों के बारे में चीन के आकलन और अगले महासचिव पद के उम्मीदवार के बारे में चीन के विचार व्यक्त किया। उन्होंने ने कहा, “मेरी अभी-अभी महासचिव गुटेरेस के साथ सौहार्दपूर्ण बातचीत हुई। अपने लगभग 10 वर्षों के कार्यकाल के दौरान, उन्होंने बहुपक्षवाद के सिद्धांतों को कायम रखा, संयुक्त राष्ट्र के अधिकार की रक्षा की और शांति एवं न्याय के लिए अथक प्रयास किए, जिसके लिए उन्हें अंतरराष्ट्रीय समुदाय से व्यापक मान्यता और प्रशंसा प्राप्त हुई। हम उन्हें अपना सर्वोच्च सम्मान देते हैं।”
वांग यी ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र के सुधार और विकास तथा सदस्य देशों के महत्वपूर्ण हितों के लिए महासचिव का चुनाव अत्यंत महत्वपूर्ण है। चीन का मानना है कि भावी महासचिव को कम से कम कुछ प्रमुख मानदंडों को पूरा करना चाहिए: पहला, संयुक्त राष्ट्र चार्टर के उद्देश्यों और सिद्धांतों का दृढ़तापूर्वक पालन करना; दूसरा, समृद्ध राजनीतिक और कूटनीतिक अनुभव तथा व्यापक समन्वय क्षमताएं होना; तीसरा, प्रमुख मुद्दों पर न्याय को कायम रखने में सक्षम होना, विशेष रूप से विकासशील देशों के हितों और मांगों पर ध्यान देना; और चौथा, संयुक्त राष्ट्र सुधार की दिशा को सटीक रूप से समझना तथा संयुक्त राष्ट्र के कार्यों की गुणवत्ता और दक्षता में सुधार को बढ़ावा देना।
उधर, ईरान की स्थिति में मौजूदा गतिरोध को सुलझाने के संबंध में चीन के विचारों और सुझावों के बारे में पूछे जाने पर, वांग यी ने कहा कि चीन इस संघर्ष को सुलझाने के लिए प्रयासरत है। राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने मध्य पूर्व में शांति बनाए रखने और उसे बढ़ावा देने के लिए चार प्रस्ताव रखे हैं। हम इसमें शामिल प्रमुख पक्षों, महत्वपूर्ण क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ संचार और समन्वय बनाए रखते हैं। हमारा मानना है कि इस क्षेत्र के सभी देशों की संप्रभुता, सुरक्षा और प्रादेशिक अखंडता का सम्मान किया जाना चाहिए, नागरिकों और गैर-सैन्य लक्ष्यों की रक्षा की जानी चाहिए, समुद्री मार्गों और ऊर्जा अवसंरचना की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए, और परमाणु अप्रसार व्यवस्था के प्रावधानों का पालन किया जाना जरूरी है।
वांग यी ने कहा कि वर्तमान स्थिति का समाधान अमेरिका-ईरान वार्ता में निहित है। हम पाकिस्तान और अन्य देशों के सक्रिय मध्यस्थता प्रयासों के साथ-साथ अमेरिका और ईरान द्वारा किए गए प्रयासों का भी समर्थन करते हैं। चीन को आशा है कि संबंधित पक्ष युद्धविराम का दृढ़तापूर्वक पालन करेंगे और एक-दूसरे की ओर बढ़ते रहेंगे, जिससे मध्य पूर्व में जल्द से जल्द शांति बहाल हो सके।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
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