स्थानीय समयानुसार 8 मई की दोपहर, चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने रूस की राजधानी मास्को के क्रेमलिन में वार्ता के बाद संयुक्त रूप से पत्रकारों से मुलाकात की। इस दौरान, शी चिनफिंग ने रूसी राष्ट्रपति पुतिन के साथ हुई फलदायी वार्ता के बारे में जानकारी दी और कहा कि उन दोनों नेताओं ने एक संयुक्त वक्तव्य पर हस्ताक्षर किए, और दोनों देशों के संबंधित विभागों के बीच कई सहयोग दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने और आदान-प्रदान करने के साक्षी बने। इन कदमों से चीन-रूस संबंध के विकास में नई गतिज ऊर्जा का संचार हुआ।
शी ने यह भी कहा कि रूस वह देश है जहां उन्होंने चीनी राष्ट्रपति के रूप में सबसे अधिक यात्राएं की हैं। यह रूस की उनकी 11वीं यात्रा है। 9 मई को वह महान देशभक्तिपूर्ण युद्ध में सोवियत संघ की जीत की 80वीं वर्षगांठ मनाने के समारोह में भाग लेंगे। पिछले 10 वर्षों में यह उनका पहला अवसर होगा जब वह इस भव्य स्मारक समारोह में भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि विश्व, युग और इतिहास में परिवर्तन के सामने, चीन और रूस को द्विपक्षीय संबंधों के विकास की दिशा और मानव सामाजिक विकास की सामान्य प्रवृत्ति को दृढ़ता से समझना चाहिए, अपनी जिम्मेदारियां उठाते हुए दोनों देशों के विकास और पुनरोद्धार को बढ़ावा देना चाहिए, और अंतर्राष्ट्रीय निष्पक्षता व न्याय की रक्षा के लिए नया और बड़ा योगदान देना चाहिए।
शी चिनफिंग ने चार सूत्रीय विचारों पर प्रकाश डाला। सर्वप्रथम, दोनों देशों को पीढ़ियों के बीच मित्रता बनाए रखते हुए ऐसे सच्चे मित्र बनना चाहिए जो कठिन परिश्रम के दौर से गुजरे हों। चीन और रूस को राजनीतिक आपसी विश्वास को गहरा करते हुए रणनीतिक सहयोग को मजबूत करना चाहिए और द्विपक्षीय संबंधों को और अधिक परिपक्व व लचीले भविष्य की ओर बढ़ाना चाहिए। दूसरा, दोनों देशों को आपसी लाभ और पारस्परिक जीत पर कायम रहते हुए एक-दूसरे की सफलता के लिए अच्छे साझेदार बनना चाहिए। चीन और रूस को विभिन्न क्षेत्रों में व्यावहारिक सहयोग को गहरा करने के साथ-साथ व्यापक रणनीतिक सहयोग के भौतिक आधार को मजबूत करना चाहिए, दोनों देशों के लोगों को लगातार लाभ पहुंचाना चाहिए और वैश्विक विकास में मजबूत प्रेरणा शक्ति डालनी चाहिए।
तीसरा, दोनों देशों को निष्पक्षता और न्याय को कायम रखते हुए अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था का रक्षक बनना चाहिए। अंतर्राष्ट्रीय समुदाय में स्थिरता लाने वाली, सकारात्मक और प्रगतिशील शक्तियों के रूप में, चीन और रूस को एक साथ मजबूती से खड़े रहकर संयुक्त राष्ट्र के केंद्र में अंतर्राष्ट्रीय प्रणाली और अंतर्राष्ट्रीय कानून के आधार पर अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था की दृढ़ता से रक्षा करनी चाहिए, और एक समान व व्यवस्थित बहुध्रुवीय दुनिया को बढ़ावा देना जारी रखना चाहिए।
चौथा, दोनों देशों को एकजुटता बनाए रखते हुए वैश्विक शासन में अग्रणी बनना चाहिए। चीन और रूस को संयुक्त राष्ट्र, शांगहाई सहयोग संगठन और ब्रिक्स जैसे बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग को मजबूत करना चाहिए, सच्चे बहुपक्षवाद का पालन करते हुए वैश्विक शासन को सही दिशा में ले जाना चाहिए और समावेशी आर्थिक वैश्वीकरण को बढ़ावा देना चाहिए।
शी चिनफिंग ने बल देते हुए कहा कि परिवर्तन और अराजकता से भरी अंतर्राष्ट्रीय स्थिति के सामने, चीन और रूस को स्थायी अच्छे पड़ोसी और मित्रता, व्यापक रणनीतिक समन्वय, आपसी लाभ वाले सहयोग और पारस्परिक जीत की भावना को दृढ़ता से बनाए रखना चाहिए, चीन-रूस संबंधों की ऊंचाई, आयाम और लचीलेपन को व्यापक रूप से बढ़ाना चाहिए, ताकि विश्व शांति और सुरक्षा में और अधिक स्थिरता डाली जा सके, और वैश्विक विकास व समृद्धि के लिए मजबूत प्रेरित शक्ति प्रदान की जा सके।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
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