इंटरनेशनल डेस्क: वांग यी ने चीन भारत संबंधों के विकास के लिए प्रदीप रावत की कोशिशों और योगदान की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के नेताओं के रणनीतिक मार्गदर्शन में चीन भारत संबंध सुधार और विकास के सही रास्ते पर चल रहे हैं। चीन और भारत दो बड़े पड़ोसी देश हैं और दो नवोदित आर्थिक समुदाय हैं। दोनों देशों के समान हित मतभेद से काफी बड़े हैं।
चीन और भारत के आधुनिकीकरण के बिना विश्व का आधुनिकीकरण नहीं होगा ।परिवर्तन और गड़बड़ी से भरी अंतरराष्ट्रीय परिस्थिति के सामने चीन भारत के साथ कोशिश कर दोनों देशों के नेताओं की इस अहम समानता को अच्छी तरह लागू करने को तैयार है कि चीन और भारत एक दूसरे के लिए विकास के मौके हैं और एक दूसरे के प्रति खतरा नहीं हैं। चीन और भारत एक-दूसरे के सहयोगी साझेदार हैं और प्रतिस्पर्द्धात्मक प्रतिदंद्वी नहीं हैं।
चीन भारत के साथ विभिन्न क्षेत्रों के पारस्परिक लाभ वाले सहयोग का विस्तार करने ,वैश्विक दक्षिण के समान हितों की सुरक्षा करने, ब्रिक्स समेत बहुपक्षीय समन्वय मजबूत करने और बड़ी मशक्कत के बाद प्राप्त हुए चीन भारत संबंधों का अच्छा होने का रुझान प्रगाढ़ बनाने का उत्सुक है।
प्रदीप रावत ने अपने कार्यकाल में चीनी पक्ष के समर्थन के प्रति आभार व्यक्त किया ।उन्होंने कहा कि प्राचीन सभ्यता वाले देश और अहम बड़े देश के नेता भारत और चीन के द्विपक्षीय संबंधों का स्थिर विकास बनाए रखना दोनों पक्षों के हित में है और वैश्विक महत्व भी रखता है ।वर्तमान अंतरराष्ट्रीय परिस्थिति अस्थिर है ,भारत चीन के साथ समन्वय व सहयोग मजबूत कर उच्च स्तरीय आवाजाही प्रगाढ़ करने ,पारस्परिक लाभ वाला सहयोग गहराने ,बहुपक्षीय समन्वय बढ़ाने और एक साथ विश्व शांति ,स्थिरता व विकास बढ़ाने को तैयार है।
(साभार—चाइना मीडिया ग्रुप ,पेइचिंग)
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