12 जुलाई को आयोजित एक न्यूज़ ब्रीफिंग में एक संवाददाता ने पूछा कि हाल ही में, फिलीपींस के विदेश मंत्रालय ने दक्षिण चीन सागर मध्यस्थता निर्णय की 9वीं वर्षगांठ पर एक बयान जारी किया और फिलीपींस के विदेश मंत्री ने एक प्रासंगिक संगोष्ठी में मुख्य भाषण दिया। इस पर चीन की क्या टिप्पणी है?
इसके जवाब में चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि “दक्षिण चीन सागर मध्यस्थता” पर चीन का रुख सतत और स्पष्ट है। संबंधित “निर्णय” एक अवैध, अमान्य और अबाध्यकारी दस्तावेज़ है। चीन तथाकथित “निर्णय” को स्वीकार या मान्यता नहीं देता और न ही इस “निर्णय” पर आधारित किसी भी दावे या कार्रवाई को स्वीकार करता है। दक्षिण चीन सागर में चीन की क्षेत्रीय संप्रभुता और समुद्री अधिकार एवं हित किसी भी परिस्थिति में इस “निर्णय” से प्रभावित नहीं होंगे।
साथ ही इस प्रवक्ता ने कुछ बिंदुओं पर ज़ोर दिया: प्रथम, “दक्षिण चीन सागर मध्यस्थता मामला” अंतर्राष्ट्रीय कानून के मूल सिद्धांतों का उल्लंघन करता है। दूसरा, “दक्षिण चीन सागर मध्यस्थता मामला” समुद्र के कानून पर संयुक्त राष्ट्र कन्वेंशन का उल्लंघन करता है। तीसरा, “दक्षिण चीन सागर मध्यस्थता मामला” दक्षिण चीन सागर के मूल तथ्यों का उल्लंघन करता है।
चीन हमेशा से दक्षिण चीन सागर में अन्य पक्षों के साथ विवादों को बातचीत के माध्यम से शांतिपूर्ण ढंग से हल करने, आसियान देशों के साथ “दक्षिण चीन सागर से जुड़े विभिन्न पक्षों के आचरण पर घोषणा” को पूरी तरह और प्रभावी ढंग से लागू करने, और “दक्षिण चीन सागर में आचार संहिता” के शीघ्र समापन को बढ़ावा देने, और दक्षिण चीन सागर की शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए मजबूत संस्थागत गारंटी प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध रहा है।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

