“हमने 9वें चीन अंतर्राष्ट्रीय आयात एक्सपो (CIIE) के लिए पहले ही पंजीकरण कर लिया है!”… 8वें एक्सपो के समापन के दिन अमेरिकी टेकपेक्स और ब्रिटिश एस्ट्राजेनेका जैसी कंपनियों ने अगली बार के लिए अपनी जगह सुनिश्चित कर ली। यह उत्साह यूं ही नहीं है। आयात पर केंद्रित यह विश्व का पहला बड़ा मंच इस बार भी शानदार परिणाम लेकर आया। कुल 83.49 अरब अमेरिकी डॉलर के अनुमानित सौदे हुए, जो पिछले वर्ष की तुलना में 4.4 प्रतिशत अधिक हैं। 600 से ज़्यादा नई कंपनियाँ जुड़ीं, 290 फॉर्च्यून ग्लोबल 500 कंपनियों और उद्योग जगत के दिग्गजों ने भाग लिया, और 461 नए उत्पादों का शुभारंभ हुआ। यह सब चीन के “अनुसरण” से “नेतृत्व” की दिशा में तेज़ी से बढ़ते कदमों की गवाही देता है।
हाल ही में संपन्न 20वीं सीपीसी केंद्रीय समिति के चौथे पूर्ण अधिवेशन में “उच्च-स्तरीय खुलेपन के विस्तार” पर विशेष बल दिया गया। इसी सोच का ठोस उदाहरण है CIIE चीन की “स्वतंत्र खुलेपन” की नीति का जीवंत अभ्यास है। इसका अर्थ है पारंपरिक “तुम खुलो, तब मैं खुलूँ” की प्रतीक्षा से आगे बढ़ना और अपने विकास की मज़बूत नींव पर स्वयं पहल करके खुलापन अपनाना। जैसा कि चीनी सामाजिक विज्ञान अकादमी के निदेशक लियाओ फैन ने कहा कि यह “दूसरों की सफलता में अपनी सफलता देखने” वाला आत्मविश्वास है। जब दुनिया में एकतरफ़ावाद और संरक्षणवाद का असर बढ़ रहा है, तब चीन अपने 1.4 अरब लोगों के विशाल उपभोक्ता बाज़ार के सहारे वैश्विक स्तर पर खुलेपन की निश्चितता का संदेश देता है। मज़बूत आर्थिक लचीलापन और बेहतर कारोबारी माहौल की वजह से चीन अब “पारस्परिकता” की शर्त पर नहीं, बल्कि अपनी ताक़त के दम पर अवसर साझा कर रहा है।
एक खुला चीन सबसे पहले और सबसे महत्वपूर्ण रूप से एक विशाल “बाज़ार” है, जो पूरी दुनिया के लिए साझा है। “बड़े बाज़ार को साझा करें, चीन को निर्यात करें” जैसे आयोजनों ने इस विचार को वास्तविक रूप दिया। उदाहरण के तौर पर, स्पेनिश हैम चीन में हिट हो गया और फ्रांस की डैमस्क रोज़ हाइड्रोसोल की बिक्री हज़ार गुना तक बढ़ी। फ्रांसीसी केरिंग समूह के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने सही ही कहा, “हमारा विकास हमेशा चीन के खुलेपन की गति के साथ-साथ चला है।”
CIIE सिर्फ़ एक बाज़ार नहीं, बल्कि वैश्विक नवाचार का “प्रयोगशाला” भी बन गया है। स्वीडन की हेक्सागन ने यहाँ अपना पहला औद्योगिक मानव-सदृश रोबोट पेश किया, जबकि श्नाइडर इलेक्ट्रिक ने अपनी साझेदारी आधारित नई तकनीकी उपलब्धियों को प्रदर्शित किया। इसी क्रम में पेइचिंग में एस्ट्राजेनेका का वैश्विक अनुसंधान एवं विकास केंद्र स्थापित हुआ और हर्बालाइफ ने अपने चीन नवाचार केंद्र को वैश्विक स्तर पर उन्नत किया। यह दर्शाता है कि चीन अब सिर्फ़ उपभोक्ता बाज़ार नहीं, बल्कि वैश्विक नवाचार का स्रोत भी बन चुका है।
चीन का खुलापन केवल अपने लिए नहीं, बल्कि वैश्विक खुलेपन को भी गति देता है। अंतरराष्ट्रीय व्यापार नियमों को उच्च मानकों के साथ संरेखित करने से लेकर विदेशी निवेश के लिए नकारात्मक सूची घटाने तक, और निवेश सुविधा समझौते में 130 से अधिक विश्व व्यापार संगठन (WTO) सदस्यों को शामिल करने के प्रयास तक, चीन यह सुनिश्चित कर रहा है कि वैश्वीकरण के लाभ अधिकाधिक विकासशील देशों तक पहुँचें।
अब तक 9वें CIIE के लिए 80,000 वर्ग मीटर से अधिक नए प्रदर्शनी क्षेत्र के समझौते हो चुके हैं। नए दौर की वीज़ा-मुक्त नीतियाँ लागू की गई हैं, और हाईनान मुक्त व्यापार बंदरगाह अपने पूर्ण संचालन की ओर बढ़ रहा है। चीन जितना अधिक खुलता जा रहा है, उतनी ही तेज़ी से विकास कर रहा है, और जितना अधिक विकसित हो रहा है, उतना ही अधिक खुला बनता जा रहा है।
चीन का यह खुलापन कोई तात्कालिक नीति नहीं, बल्कि एक परंपरा है और अब यह परंपरा वैश्विक प्रवृत्ति बन गई है। CIIE की खिड़की से झाँकते हुए आज दुनिया यह देख रही है कि चीन न केवल खुलेपन की राह पर आगे बढ़ रहा है, बल्कि पूरी दुनिया को इस साझा यात्रा पर अपने साथ लेकर चल रहा है।
(साभार—चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)