बुखारेस्ट: रोमानिया में आज राष्ट्रपति पद के लिए निर्णायक दौर का मतदान शुरू हो गया है। यह चुनाव देश की राजनीतिक दिशा और वैश्विक रुख को तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। मुख्य मुकाबला दो चर्चित चेहरों – जॉर्ज सिमीऑन और निकुसोर डैन – के बीच है।
यह चुनाव मूलतः 2024 के रद्द हुए राष्ट्रपति चुनाव की पुनरावृत्ति है, जिसमें पहले चरण में अप्रत्याशित रूप से कोई उम्मीदवार बहुमत नहीं हासिल कर सका। जॉर्ज सिमीऑन, जो ‘रोमानिया फर्स्ट’ नीति के तहत अभियान चला रहे हैं, को पहले चरण में 40.96% वोट मिले थे, जबकि यूरोपीय समर्थक उम्मीदवार निकुसोर डैन को 20.99% मत प्राप्त हुए थे।
-दो विपरीत ध्रुवों की टक्कर
जॉर्ज सिमीऑन, रोमानियाई संघ गठबंधन के नेता, एक कट्टर राष्ट्रवादी माने जाते हैं। वे यूरोपीय संघ की नीतियों के आलोचक हैं और यूक्रेन को सैन्य सहायता रोकने, टैक्स कम करने और आंतरिक नियमों में ढील देने जैसे वादे कर रहे हैं। उनका उदय मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था से जनता की गहराती नाराजगी का संकेत माना जा रहा है।
वहीं, निकुसोर डैन, जो बुखारेस्ट के मौजूदा मेयर हैं, पश्चिमी मूल्यों और यूरोपीय एकीकरण के मजबूत पक्षधर हैं। उन्हें सेव रोमानिया यूनियन और नेशनल लिबरल पार्टी का समर्थन मिला है। डैन इस चुनाव को यूरोपीय समावेश बनाम अलगाव की लड़ाई के रूप में पेश कर रहे हैं।
-राजनीतिक उथल-पुथल ने बढ़ाई चुनाव की अहमियत
पहले चरण के नतीजों के बाद राजनीतिक अस्थिरता और बढ़ गई जब प्रधानमंत्री मार्सेल चियोलाकू ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया और सत्तारूढ़ गठबंधन भी टूट गया। इससे यह दौर सिर्फ राष्ट्रपति का चुनाव नहीं, बल्कि देश की राजनीतिक स्थिरता और विदेश नीति की दिशा तय करने का एक निर्णायक मोड़ बन गया है।
दिलचस्प बात यह है कि रोमानिया की सबसे बड़ी पार्टी सोशल डेमोक्रेट्स ने किसी भी उम्मीदवार को खुला समर्थन नहीं दिया है, जिससे यह देखना रोमांचक होगा कि उनका मतदाता वर्ग किस ओर रुख करता है।
-मतदाताओं की निर्णायक भूमिका
देश भर में 1.80 करोड़ से अधिक पंजीकृत मतदाता आज अपना मत डालने के लिए तैयार हैं। 18,979 मतदान केंद्र देश में और 965 केंद्र विदेशों में स्थापित किए गए हैं ताकि रोमानियाई प्रवासी भी अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।
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