इंटरनेशनल डेस्क: अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) और विश्व बैंक की 2026 की वसंतकालीन बैठकें 13 से 18 अप्रैल तक संयुक्त राज्य अमेरिका के वाशिंगटन डी.सी. में आयोजित हो रही हैं। 15 अप्रैल को आईएमएफ की प्रबंध निदेशक क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में चाइना मीडिया ग्रुप (CMG) के संवाददाता के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि वैश्विक अस्थिरता के बावजूद चीन की अर्थव्यवस्था लचीली बनी हुई है और उसमें अपार संभावनाएं मौजूद हैं। इसका दुनिया पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
उन्होंने बताया कि मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर ऊर्जा और आपूर्ति श्रृंखलाओं के माध्यम से पड़ रहा है। खासकर वे देश, जो खाड़ी क्षेत्र से आयात पर निर्भर हैं, तेल, प्राकृतिक गैस और अन्य कच्चे माल की आपूर्ति में कमी का सामना कर रहे हैं। जॉर्जीवा ने कहा कि भले ही संघर्ष जल्द समाप्त हो जाए, लेकिन आपूर्ति श्रृंखलाओं की स्थिति तुरंत सामान्य नहीं होगी। इसी वजह से आईएमएफ ने अपने ताज़ा ‘विश्व आर्थिक आउटलुक’ में 2026 के लिए वैश्विक आर्थिक वृद्धि के अनुमान को घटाया है।
चीन की अर्थव्यवस्था पर सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि मौजूदा उथल-पुथल के बीच भी चीन ने उल्लेखनीय लचीलापन दिखाया है। चीन अब अपने विकास मॉडल को निर्यात-आधारित ढांचे से घरेलू खपत-आधारित व्यवस्था की ओर और वस्तु-आधारित अर्थव्यवस्था से सेवा-प्रधान अर्थव्यवस्था की दिशा में बदल रहा है, जो उसे नई गति देगा।
उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि चीन की अर्थव्यवस्था का आकार इतना बड़ा है कि उसका अच्छा प्रदर्शन वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी सकारात्मक असर डालता है।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

