Last Updated: November 6, 2026

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पिछले पाँच वर्षों में चीन की वीज़ा-मुक्त नीति का “लाभांश”

August 1, 2025

पिछले पाँच वर्षों में चीन की वीज़ा-मुक्त नीति का “लाभांश”

चीन ने पिछले पाँच वर्षों में अपनी वीज़ा-मुक्त नीतियों में लगातार सुधार किया है, जिसने विश्व के लिए “वीज़ा-मुक्त लाभांश” प्रदान किए हैं। हाल ही में, चीन का पहला अंतरराष्ट्रीय बंदरगाह यात्री पारगमन क्षेत्र, शेखू क्रूज़ होम पोर्ट, दक्षिण चीन के शनचन शहर में खुला, जो इस प्रगति का एक प्रमुख उदाहरण है। नई नीति के तहत, अर्जेंटीना और चिली जैसे देशों के व्यवसायी अब सिर्फ़ 30 मिनट में वीज़ा-मुक्त प्रवेश की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं, जिसमें पहले 2.5 घंटे लगते थे।

चीन की यह पहल केवल प्रवेश को आसान बनाने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसने प्रवेश के अनुभव को भी बेहतर बनाया है। देश ने 75 देशों को एकतरफा वीज़ा-मुक्त प्रवेश की सुविधा दी है, जबकि 55 देशों और 60 सीमा-बंदरगाहों के लिए 240 घंटे तक पारगमन वीज़ा-मुक्त प्रवेश की अवधि बढ़ाई है। 

इसके अलावा, हाईनान प्रांत और आसियान जैसे क्षेत्रों के लिए विशेष सुविधाएँ भी शुरू की गई हैं। “वन-स्टॉप” सीमा-शुल्क निकासी और “अभी खरीदें, अभी पाएँ” प्रस्थान कर वापसी जैसे उपाय यात्रा को और अधिक सरल बना रहे हैं। फ़्रांसीसी प्रौद्योगिकी कंपनी प्रोफेसी के सीईओ लुका वेरे ने इस नीति की सराहना करते हुए कहा है कि इसने कार्यक्षमता में सुधार किया है, जिससे कंपनियों को बाज़ार से तेज़ी से जुड़ने और सहयोग को मज़बूत करने में मदद मिली है। यह वीज़ा-मुक्त यात्रा अब एक व्यवस्थित संस्थागत ढाँचे का रूप ले रही है, जो सेवा व्यापार के लिए एक नया विकास इंजन बन रही है।

इस नीति का सीधा प्रभाव चीन आने वाले पर्यटकों की संख्या पर देखा जा सकता है। वर्ष 2024 में, 2.69 करोड़ विदेशी पर्यटक चीन आए, जो पिछले वर्ष की तुलना में 96% की वृद्धि है। “यात्रा, ख़रीदारी और भोजन” अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर एक नया चलन बन गया है। आर्थिक और व्यापारिक क्षेत्र में भी खासी हलचल दिख रही है। चीन अंतर्राष्ट्रीय आयात एक्सपो और चीन उपभोक्ता वस्तु एक्सपो जैसे व्यापार मेलों में वीज़ा-मुक्त प्रवेश से प्रदर्शकों को अपने नए उत्पादों को चीन में लाने का अवसर मिला है। वर्ष 2021 से 2024 तक, उपभोक्ता वस्तुओं का कुल आयात 74 खरब युआन तक पहुँच गया। एस्टेलस फ़ार्मा इंक चाइना की अध्यक्ष चाओ फ़िंग ने पेटेंट सुरक्षा के लिए चीन के समर्थन पर आभार व्यक्त किया, जिससे कंपनियों का विश्वास बढ़ा है।

लोगों के बीच आदान-प्रदान से गहरे संवाद को भी प्रोत्साहन मिला है। महान दीवार और निषिद्ध शहर जैसे ऐतिहासिक स्थलों से लेकर छंगतू के आधुनिक दृश्यों और चच्यांग प्रांत की चाय संस्कृति तक, अंतर्राष्ट्रीय मित्र अब चीनी संस्कृति को गहराई से अनुभव कर रहे हैं। विदेशी सोशल मीडिया पर “सौर ऊर्जा का व्यापक उपयोग”, “उच्च-गति रेल नेटवर्क” और “अग्रणी एआई शिक्षा” जैसे विषयों पर चर्चाएँ हो रही हैं। कुछ ब्रिटिश ब्लॉगरों ने तो यहाँ तक कहा है कि चीनी बच्चों का भविष्य असीम है। प्यू रिसर्च सेंटर के एक हालिया सर्वेक्षण के अनुसार, 25 में से 15 देशों में चीन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण में वृद्धि हुई है, जबकि उच्च आय वाले देशों में यह 32% तक पहुँच गया है, जो पिछले छह वर्षों में सबसे अधिक है।

यह वीज़ा-मुक्त नीति न केवल चीन की पारंपरिक अतिथि-सत्कार की भावना को दर्शाती है, बल्कि दुनिया के प्रति उसकी अधिक खुलेपन की प्रतिबद्धता को भी साबित करती है। अगले पाँच वर्षों में, जैसे-जैसे और अधिक लोग चीन आएँगे, यह देश दुनिया के लिए “अवसरों के गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र” के रूप में काम करता रहेगा। चीन और दुनिया मिलकर एक समृद्ध भविष्य की ओर बढ़ रहे हैं, जिससे दोनों के बीच घनिष्ठ संबंध और मज़बूत होंगे।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

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