इंटरनेशनल डेस्क: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अपने विवादित टैरिफ कदमों का समर्थन करते हुए एक सनसनीखेज दावा किया है। ट्रंप का कहना है कि उनकी टैरिफ नीति ने न केवल अमेरिकी अर्थव्यवस्था को मजबूती दी, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संभावित संघर्षों को भी टालने में मदद की। उनके अनुसार, टैरिफ की रणनीति से दुनिया भर में आठ संभावित युद्धों को रोका जा सका, जिनमें से पांच सीधे उनके टैरिफ की धमकियों के कारण टाले गए।
टैरिफ को अंतरराष्ट्रीय कूटनीति का हथियार बताया
ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर साझा किए गए संदेश में कहा कि टैरिफ सिर्फ राजस्व बढ़ाने का जरिया नहीं हैं, बल्कि यह अमेरिका की कूटनीतिक ताकत का हिस्सा भी बन चुके हैं। उनके अनुसार, टैरिफ की धमकियों के चलते विदेशी निवेश और पैसा अमेरिका लौट आया, और इसी रणनीति से वैश्विक तनाव को नियंत्रित किया जा सका।
राष्ट्रपति ने विशेष रूप से भारत और पाकिस्तान के बीच हालिया तनाव का उदाहरण देते हुए बताया कि पहलगाम हमले के बाद उन्होंने 350% टैरिफ लगाने की चेतावनी देकर क्षेत्रीय तनाव कम करने में भूमिका निभाई।
अर्थव्यवस्था पर टैरिफ का असर
ट्रंप का दावा है कि टैरिफ ने अमेरिकी शेयर बाजार को मजबूती दी है। उन्होंने बताया कि पिछले नौ महीनों में अमेरिकी शेयर बाजार नौ बार रिकॉर्ड उच्च स्तर तक पहुंचा। उनका यह भी कहना है कि टैरिफ न केवल आर्थिक बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी जरूरी हैं।
हालांकि, अंतरराष्ट्रीय आलोचना का सामना ट्रंप को लगातार करना पड़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि उनकी टैरिफ नीति वैश्विक व्यापार में अस्थिरता बढ़ा सकती है। अमेरिका ने भारत पर भी 50% तक के उच्च टैरिफ लगाए, जिसमें 25% टैरिफ भारत द्वारा रूस से कच्चे तेल की खरीद के कारण लगाए गए।
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भारत पर असर और सरकारी कदम
उच्च टैरिफ का सीधा असर भारत के आभूषण और झींगा निर्यात सहित कई क्षेत्रों पर पड़ा है। भारतीय सरकार ने प्रभावित उद्योगों के लिए राहत पैकेज और आर्थिक सहायता योजनाओं की घोषणा की है। साथ ही, भारत ने चीन के साथ अपने व्यापारिक संबंधों को मजबूत करते हुए अमेरिका के विकल्प तलाशने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं।
ट्रंप का यह दावा कि टैरिफ ने युद्ध टालने में मदद की, अंतरराष्ट्रीय राजनीति में उनकी अप्रत्याशित रणनीति की झलक दिखाता है। हालांकि आलोचक इसे विवादास्पद मानते हैं, पर ट्रंप इसे अमेरिकी ताकत और वैश्विक कूटनीति का नया हथियार मानते हैं।