वाशिंगटन: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच दो प्रमुख खाड़ी देशों के नेताओं से व्हाइट हाउस में अलग-अलग मुलाकातें कीं। इन बैठकों का उद्देश्य क्षेत्रीय शांति प्रयासों को नए सिरे से मजबूती देना और आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देना था।
-पहले बहरीन के युवराज बातचीत
ट्रंप ने पहले बहरीन के युवराज सलमान बिन हमद अल खलीफा से ओवल ऑफिस में विस्तृत बातचीत की। इस दौरान उन्होंने दोनों देशों के मजबूत और भरोसेमंद संबंधों को रेखांकित करते हुए कहा, “हमने एक-दूसरे की आवश्यकताओं में सहयोग किया है यही सच्ची साझेदारी की मिसाल है।” ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिका खाड़ी देशों के साथ न केवल सुरक्षा के क्षेत्र में बल्कि आर्थिक एवं रणनीतिक मामलों में भी संबंधों को और गहरा करना चाहता है।
-कतर के प्रधानमंत्री के साथ किया डीनर
इसके बाद ट्रंप ने कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान अल सानी के साथ डीनर किया। यह बैठक ऐसे समय में हुई जब गाजा पट्टी में हिंसा और सीरिया-इजराइल संघर्ष ने क्षेत्रीय स्थिरता को एक बार फिर संकट में डाल दिया है। ट्रंप प्रशासन ने पारंपरिक सैन्य हस्तक्षेप के बजाय आर्थिक विकास और व्यापारिक साझेदारियों को कूटनीति का नया आधार बनाने की दिशा में काम करने का संकल्प जताया।
-कूटनीतिक संबंधों को मिली मजबूती
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन मुलाकातों के जरिए ट्रंप ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि अमेरिका अब खाड़ी क्षेत्र में संतुलन बनाने के लिए सैन्य ताकत के बजाय आर्थिक सहयोग और द्विपक्षीय समझौतों को प्राथमिकता देगा।
इन बैठकों के परिणामस्वरूप आने वाले दिनों में अमेरिका, बहरीन और कतर के बीच नए व्यापारिक और निवेश समझौते की उम्मीद की जा रही है, जिससे न केवल क्षेत्रीय सहयोग को बल मिलेगा, बल्कि अमेरिका की वैश्विक रणनीति को भी मजबूती मिलेगी।
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