चीनी और तिब्बती नव वर्ष की दोगुनी खुशियां

10 फरवरी 2024 को, चीनी चंद्र पंचांग का नव वर्ष यानी वसंत महोत्सव है, और यह दिवस तिब्बती पंचांग का नव वर्ष भी है। पहले, तिब्बती पंचांग के नव वर्ष और चीनी चंद्र पंचांग के नव वर्ष के समय में कुछ अंतर थे, लेकिन साल 2024 में दोनों एक ही दिन में मनाया जाएगा, इससे.

10 फरवरी 2024 को, चीनी चंद्र पंचांग का नव वर्ष यानी वसंत महोत्सव है, और यह दिवस तिब्बती पंचांग का नव वर्ष भी है। पहले, तिब्बती पंचांग के नव वर्ष और चीनी चंद्र पंचांग के नव वर्ष के समय में कुछ अंतर थे, लेकिन साल 2024 में दोनों एक ही दिन में मनाया जाएगा, इससे पूरे देश में, खासकर बर्फीले पठार पर त्योहार का माहौल और खुशी भरा होगा, और नव वर्ष की खुशियों को और बढ़ा देगा।

चीनी चंद्र पंचांग के अनुसार, वर्ष 2023 के बारहवें महीने की तीस तारीख को यानी 9 फरवरी को वसंत महोत्सव की पूर्व संध्या होगी। यह वर्ष के अंतिम दिन की रात है, जिसे चीनी भाषा में “छू शी” कहा जाता है, “छू” के अर्थ हटाना है, और “शी” का अर्थ रात है, इसलिए “छू शी” का मतलब पुराने साल को हटाये जाने वाली रात है। यह नए साल की पूर्व संध्या है। चीनी लोगों के दिलों में “छू शी” का विशेष महत्व है। साल के अंत के इस सबसे महत्वपूर्ण दिवस पर घर से दूर जाने वाले लोग परिवारजनों से पुनः मिलन के लिए जरूर वापस लौटते हैं। परिवार के लोग एक साथ पुराने साल को अलविदा कहते हैं और नए साल का स्वागत करते हैं। प्राचीन काल से आज तक, “छू शी” के दिन पूर्वजों की पूजा करने, नए साल के इंतजार के लिए रात को देर तक जागने, पुनर्मिलन रात्रिभोज करने, और लालटेन लटकाने जैसे रिवाज़ रहे हैं।   

वहीं, तिब्बती लोगों के लिए, तिब्बती पंचांग के अनुसार, साल के 12वें महीने की 30 तारीख को “कु थू की रात” कहा जाता है। इस दिन “कु थू” नाम का पकवान खाया जाता है। “कु थू” गोमांस और मटन, मूली, आटे आदि से बनाया जाता है, जिसमें ऊन, सिक्कों आदि विभिन्न वस्तुओं को लपेटा जाता है। ऊन कोमलता का प्रतिनिधित्व करता है, जबकि सिक्के सौभाग्य का प्रतिनिधित्व करते हैं। जो कोई भी इन चीजों को खाता है, उसे इसे तुरंत थूक देना चाहिए। परिवार के सदस्यों के हंसी-मजाक में नए साल की पूर्व संध्या का आनंदमय माहौल और सुंदर होता है। 

चीनी चंद्र पंचांग के नव वर्ष यानी वसंतोत्सव को चीनी भाषा में “शिन छुन” और “क्वो न्येन” भी कहा जाता है। वसंत त्योहार नव वर्ष के पहले दिन से पंद्रहवें दिन तक मनाया जाता है। यह पूर्वजों की पूजा करने, आशीर्वाद के लिए प्रार्थना करने, परिजनों, रिश्तेदारों और मित्रों से मिलने, मनोरंजन करने और खान-पान का आनंद लेने वाला त्योहार है। इस दौरान, देश की विभिन्न जगहों पर रंगारंग कार्यक्रमों और गतिविधियों का आयोजन किया जाता है, जिनमें ड्रैगन नृत्य, शेर नृत्य, म्याओहुइ (मेला) का आयोजन, लालटेन का आनंद, आशीर्वाद के लिए प्रार्थना की सभा, थल पर नाव नृत्य आदि शामिल हैं। 

वहीं, तिब्बती पंचांग के नए साल को तिब्बती भाषा में “ल्वो सा” कहा जाता है, यह तिब्बती लोगों के लिए साल भर में सबसे बड़ा त्योहार है। तिब्बती लोग बौद्ध धर्म में विश्वास करते हैं, तिब्बती नव वर्ष के दौरान त्योहार मनाने की गतिविधियां मजबूत धार्मिक माहौल से भरी होती हैं। यह खुशियां मनाने और प्रार्थना करने से जुड़ा त्योहार है। नए साल के प्रथम दिन की सुबह, तिब्बती लोग शुभ-सूचक सफेद हादा लेकर बुद्ध की मूर्तियों की पूजा करने के लिए पास के किसी मंदिर में जाते हैं और नए साल की शुभकामनाएं देने के लिए अपने परिवार के साथ घनिष्ठ संबंध वाले लामाओं और गुरुओं के पास जाते हैं। सूर्योदय के समय, प्रत्येक परिवार के दो लोग जौ शराब और शुभ-सूचक “छ्ये मा” पकवान लेकर गांव में एक-दूसरे को नए साल की शुभकामनाएं देते हैं। इसके बाद घर लौटकर परिवार के लोग एक-साथ दोपहर खाना खाते हैं, मदिरा पीते हैं, गाते हैं और नाचते हैं।

चीन में, चाहे चंद्र पंचांग के वसंत महोत्सव हो, या तिब्बती पंचांग के नए साल का त्योहार क्यों न हो, प्रथम दिन से 15वें तक मनाया जाता है। हर दिन मनाए जाने का भिन्न-भिन्न रिवाज़ होता है। नए साल के 15वें दिन को “युआन श्याओ” त्योहार कहा जाता है, यह दिवस मुख्यतः लालटेन देखने की प्रथा पर आधारित है। इसके अलावा, चिपचिपे चावल के गोले खाना, लालटेन पहेलियों का अनुमान लगाना और आतिशबाजी करना आदि सिलसिलेवार पारंपरिक लोक गतिविधियां भी आयोजित की जाती हैं। 

15 दिवसीय उत्सव के बाद, लोग नए साल की ऊर्जा से भरपूर होकर फिर से अपना जीवन और काम शुरू करने के लिए वापस लौटते हैं।   

 (साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

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