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Russia के संघर्ष विराम की घोषणा के इरादों पर संदेह : Ukraine

January 6, 2023

Russia के संघर्ष विराम की घोषणा के इरादों पर संदेह : Ukraine

कीवः यूक्रेन का मानना है कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का अपनी सेना को शुक्रवार को दिया गया 36 घंटे के संघर्षविराम का एकतरफा आदेश संदिग्ध है। यूक्रेन के अधिकारियों ने इस कदम को एक चाल बता खारिज कर दिया हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि यूक्रेनी सैनिक भी संघर्षविराम का पालन करेंगे या नहीं। रूस ने भी यह साफ नहीं किया है कि यूक्रेनी बलों के लड़ाई जारी रखने पर वे पलटवार करेंगे या नहीं। लगभग 11 महीने के युद्ध में रूस द्वारा घोषित युद्धविराम मास्को के समय के मुताबिक शुक्रवार को दोपहर में शुरू हुआ और शनिवार आधी रात तक जारी रहेगा।

युद्धविराम उल्लंघन की फिलहाल कोई खबर नहीं आई है। पुतिन की बृहस्पतिवार की घोषणा अप्रत्याशित थी कि रूसी सेना 1,100 किलोमीटर (684 मील) की अग्रिम पंक्ति या अन्य जगहों पर लड़ना बंद कर देगी। यह रूसी ऑर्थोडॉक्स चर्च के प्रमुख पैट्रिआर्क किरिल द्वारा इस सप्ताह के अंत में ऑर्थोडॉक्स क्रिसमस की छुट्टी के लिए संघर्ष विराम का प्रस्ताव करने के बाद आया है।

‘ऑर्थोडॉक्स क्रिसमस’ हर साल सात जनवरी को मनाया जाता है। ‘ऑर्थोडॉक्स’ गिरजाघर अब भी जूलियन कैलेंडर के अनुसार यीशु का जन्मदिन मनाता है। यूक्रेनी और पश्चिमी अधिकारियों ने लेकिन पुतिन के स्पष्ट सद्भावना संकेत के पीछे किसी गुप्त मंशा का संदेह जताया है। यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने रूस के इरादों पर सवाल उठाते हुए कहा कि रूस ने नए जोश के साथ युद्ध जारी रखने के लिए लड़ाई को रोकने की योजना बनाई है।

जेलेंस्की ने बृहस्पतिवार देर रात कहा, कि अब वे (पूर्वी) डोनबास (क्षेत्र) में हमारे लोगों के आगे बढ़ने को कुछ समय के लिए रोकने के उद्देशय़ से क्रिसमस को बहाने के रूप में इस्तेमाल करना चाहते हैं और अपने उपकरण, गोला-बारूद और लोगों को लामबंद कर हमारे ठिकानों के करीब लाना चाहते हैं।उन्होंने हालांकि स्पष्ट रूप से यह नहीं कहा कि कीव पुतिन के अनुरोध की अनदेखी करेगा।

वहीं अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा कि यह काफी ‘‘अजीब’’ है क्योंकि पुतिन तो क्रिसमस और नववर्ष पर भी अस्पतालों, नर्सरी और गिरजाघरों पर बम गिराने को तैयार थे। उन्होंने कुछ स्पष्ट किए बिना कहा, ‘‘ मुझे लगता है कि वह कुछ देर राहत की सांस लेना चाहते हैं।’ उन्होंने कहा, ‘‘ हालांकि यह रूस की योजना या उसके रूख में बदलाव का कोई संकेत नहीं देता। ऐसा लगता है कि यह, करीब एक साल से यूक्रेन के लोगों ने जो कुछ सहा, उसे जारी रखने, आराम करने, फिर से तैयारी करने, फिर से (बल को) संगठित करने और अंतत? पुन: कार्रवाई करने का एक तरीका है।’’

अमेरिकी विचारक संस्था ‘द इंस्टीट्यूट फॉर द स्टडी ऑफ वार’ ने इस बात से सहमति जताई कि यह रूसी सैनिकों को फिर से संगठित होने के लिये वक्त देने का एक बहाना हो सकता है। संस्था ने बृहस्पतिवार देर रात कहा कि इस तरह के युद्धविराम से रूसी सैनिकों को असमान रूप से लाभ होगा और यूक्रेन को बनती बढ़त से वंचित होना पड़ सकता है।

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