इंटरनेशनल डेस्कः पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच कुवैत की एक बड़ी तेल रिफाइनरी को ड्रोन हमलों का निशाना बनाया गया है। यह हमला कुवैत की सबसे अहम रिफाइनरियों में से एक, मिना अल-अहमदी रिफाइनरी पर हुआ। कुवैत की सरकारी तेल कंपनी कुवैत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (KPC) के अनुसार, शुक्रवार तड़के रिफाइनरी पर कई ड्रोन से हमले किए गए। इन हमलों के कारण रिफाइनरी के कुछ हिस्सों में आग लग गई।
कोई हताहत की खबर नहीं
शुरुआती जानकारी के मुताबिक, इस हमले में किसी के घायल या मारे जाने की खबर नहीं है। यह एक राहत की बात है, क्योंकि इस तरह के हमले आमतौर पर बड़े नुकसान का कारण बन सकते हैं।
तुरंत शुरू हुआ बचाव कार्य
हमले के बाद हालात को संभालने के लिए तुरंत इमरजेंसी और रैपिड रिस्पॉन्स टीमों को मौके पर भेजा गया। इन टीमों ने आग पर काबू पाने और स्थिति को नियंत्रित करने का काम शुरू कर दिया।
पहले भी यूनिट को बनाया गया था निशाना
कंपनी ने यह भी बताया कि उसी सुबह रिफाइनरी की एक ऑपरेशनल यूनिट को ड्रोन द्वारा निशाना बनाया गया था। इससे यह साफ होता है कि हमला एक बार नहीं बल्कि कई बार किया गया।
क्षेत्रीय सुरक्षा पर बढ़ी चिंता
इस घटना ने न केवल कुवैत की औद्योगिक सुरक्षा पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि पूरे पश्चिम एशिया में स्थिरता को लेकर चिंता बढ़ा दी है। ऐसे हमले क्षेत्र में पहले से चल रहे तनाव को और बढ़ा सकते हैं।
वैश्विक स्तर पर भी बढ़ रही चिंता
इसी बीच, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची के साथ डिनर किया। इस दौरान वैश्विक सुरक्षा और ईरान से जुड़े तनाव पर भी चर्चा हुई। जापान की प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया की सुरक्षा स्थिति काफी गंभीर हो चुकी है। उन्होंने ट्रंप से यह भी कहा कि उन्हें विश्वास है कि वे ही ऐसे नेता हैं जो दुनिया में शांति स्थापित कर सकते हैं।
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