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गाज़ा संकट पर यूरोप की सख्त चेतावनी: इज़रायल को संयम बरतने और मानवीय राहत देने की अपील

इंटरनेशनल डेस्क: गाज़ा में इज़रायल की सैन्य कार्रवाई के चलते उपजे भीषण मानवीय संकट को लेकर यूरोपीय देशों में गहरी चिंता व्याप्त है। यूरोपीय संघ और कई स्वतंत्र देशों ने इज़रायल से “अपनी मौजूदा नीतियों में तत्काल परिवर्तन” लाने की अपील की है और गाज़ा में मानवीय आपूर्ति को सुचारु करने के लिए रास्ते खोलने की मांग की है।

-“एक मानवीय त्रासदी बन चुका है गाज़ा”

यूरोपीय परिषद के ‘अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा’ ने सोशल मीडिया के माध्यम से गाज़ा की स्थिति पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “गाज़ा में जो कुछ हो रहा है, वह एक सुनियोजित मानवीय त्रासदी है।” कोस्टा ने इज़रायल सरकार से आग्रह किया कि वह नाकेबंदी हटाए, हिंसा बंद करे और तत्काल युद्धविराम की ओर बढ़े। उन्होंने कहा कि लगातार हो रही सैन्य कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय कानूनों का स्पष्ट उल्लंघन है और इसके चलते आम नागरिक असहनीय पीड़ा झेल रहे हैं। उन्होंने बंधकों की बिना शर्त और त्वरित रिहाई की भी मांग की।

-यूरोपीय देशों का सामूहिक विरोध

नॉर्वे, आयरलैंड, आइसलैंड, माल्टा, लक्ज़मबर्ग, स्लोवेनिया और स्पेनजैसे देशों ने एक साझा बयान जारी कर स्पष्ट किया कि वे गाज़ा में हो रहे “मानवजनित विनाश” पर मूकदर्शक नहीं बने रहेंगे। बयान में कहा गया है, 50,000 से अधिक मौतों और बढ़ती भुखमरी को देखकर हमें कार्रवाई करनी ही होगी। इन देशों ने गाज़ा में अवरोध मुक्त मानवीय राहत पहुंचाने, नाकेबंदी को समाप्त करने और स्थायी शांति के लिए दो-राज्य समाधान की वकालत की है।

-बगदाद से भी उठी आवाज़ 

बगदाद में आयोजित 34वें अरब लीग शिखर सम्मेलन में स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़ ने गाज़ा को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय से निर्णायक कदम उठाने की अपील की। उन्होंने कहा, “इज़रायल पर अंतरराष्ट्रीय कानूनों के तहत दबाव बढ़ाना होगा ताकि गाज़ा में जारी नरसंहार को रोका जा सके। उन्होंने दो-राज्य समाधान को ही क्षेत्र में स्थायी शांति का एकमात्र रास्ता बताया और संयुक्त राष्ट्र व क्षेत्रीय भागीदारों से समन्वय के लिए प्रतिबद्धता जताई।

-इटली की भी तीखी प्रतिक्रिया

इटली की विदेश मंत्री एंटोनियो तजानी ने भी गाज़ा संकट को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा, “अब युद्ध को समाप्त करने का समय है। लोग थक चुके हैं। नागरिक लगातार हमलों का बोझ नहीं उठा सकते।” इटली ने भी युद्धविराम और दो-राज्य समाधान की ओर प्रतिबद्धता दोहराई है।

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