
चीन के पश्चिम इलाके में पहले ह्वालोंग-1 परमाणु ऊर्जा जनरेटर सैट का प्रयोग 25 मार्च को शुरू हुआ। यह चीन में सेवा में लगाने वाला तीसरा ह्वालोंग-1 परमाणु ऊर्जा जनरेटर सैट है। बताया जाता है कि 10 जनवरी से अब तक क्वांगशी च्वांग स्वायत्त प्रदेश के फांगछंगकांग स्थित परमाणु ऊर्जा नंबर तीन जनरेटर सैट के 140 से अधिक परीक्षण पूरे हुए। जनरेटर सैट की सुरक्षा और कार्य क्षमता की पुष्टि की गई। इस जनरेटर सैट में चीन द्वारा स्व-विकसित ह्वालोंग-1 परमाणु तकनीक का प्रयोग किया गया, जो सुरक्षित, कुशल और किफायती है।
ह्वालोंग-1 चीन की तीसरी पीढ़ी की परमाणु तकनीक है, जिसका बौद्धिक संपदा अधिकार चीन का है। एकल ह्वालोंग-1 परमाणु ऊर्जा जनरेटर सैट का सालाना बिजली उत्पादन क्षमता करीब 10 अरब किलोवाट घंटा है, जो 10 लाख लोगों की बिजली की मांग पूरी हो सकती है। गौरतलब है कि फांगछंगकांग परमाणु बिजली घर चीन के पश्चिमी इलाके में पहली परमाणु ऊर्जा परियोजना है। कोयले पर आधारित बिजली उत्पादन की तुलना में हर ह्वालोंग-1 परमाणु ऊर्जा जनरेटर सैट से हर साल 60 लाख टन से अधिक कार्बन डाइऑक्साइड का उत्सर्जन कम होगा। अब ह्वालोंग-1 का निर्माण सुचारु रूप से बढ़ रहा है। दस जनरेटर सैट का निर्माण क्वांगतोंग, चच्यांग, फूच्येन और हाईनान आदि क्षेत्रों में किया जा रहा है।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
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