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फ्रांस के जंगलों में आग का तांडव, 900 हेक्टेयर से ज्यादा क्षेत्र प्रभावित, खतरे में जानवरों और पक्षियों का जीवन

France Forest fire

France Forest fire

France: दक्षिणी फ्रांस में भीषण गर्मी और लंबे समय से पड़े सूखे के कारण जंगलों में आग लगने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। गुरुवार को औडे (Aude) और हेराल्ट (Hérault) क्षेत्रों में लगी भीषण आग ने करीब 900 हेक्टेयर जंगल को अपनी चपेट में ले लिया। आग तेजी से फैलने के कारण प्रशासन ने बड़े स्तर पर राहत और बचाव अभियान शुरू किया है।

आग पर काबू पाने के लिए 800 से अधिक दमकलकर्मियों को तैनात किया गया है। इसके अलावा लगभग 150 दमकल वाहन और चार वाटर बॉम्बर विमान लगातार आग बुझाने के काम में लगे हुए हैं। दमकल विभाग जमीन और हवा दोनों रास्तों से आग को नियंत्रित करने की कोशिश कर रहा है, ताकि यह आसपास के जंगलों और आबादी वाले इलाकों तक न पहुंचे।

स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, आसपास के एक अन्य क्षेत्र में भी दो जगह आग लगी थी, जिसे समय रहते बुझा दिया गया। हालांकि मुख्य प्रभावित इलाकों में अभी भी कई स्थानों पर आग पूरी तरह नहीं बुझी है और दमकलकर्मी लगातार निगरानी बनाए हुए हैं।

फ्रांस के प्रधानमंत्री सेबेस्टियन लेकोर्नू ने बताया कि इस साल गर्मियों की शुरुआत से अब तक देशभर में जंगलों में आग लगने की 7,000 से ज्यादा घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इन हादसों में अब तक लगभग 8,700 हेक्टेयर जंगल और वन क्षेत्र जलकर राख हो चुका है। लगातार बढ़ता तापमान, कम बारिश और सूखा आग लगने की घटनाओं को बढ़ावा दे रहे हैं।

औडे क्षेत्र के प्रीफेक्ट एलेन बुकेट ने कहा कि दमकलकर्मी पूरी ताकत के साथ आग पर नियंत्रण पाने में जुटे हैं। उनका उद्देश्य है कि तेज हवाओं के कारण आग दूसरे इलाकों तक न फैले। उन्होंने लोगों से प्रभावित क्षेत्रों से दूर रहने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील भी की।

दक्षिणी फ्रांस का भूमध्यसागरीय तटीय इलाका हर साल गर्मियों में जंगलों में आग लगने के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है। इस बार भी भीषण गर्मी और सूखे ने हालात को और ज्यादा चुनौतीपूर्ण बना दिया है।

इसी दौरान टेट नदी के आसपास जंगल में आग लगने के बाद एक रिजॉर्ट के पास बने शिविरों को एहतियात के तौर पर खाली कराया गया। वहां ठहरे सभी लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इलाके के सभी लाइफगार्ड स्टेशन भी अस्थायी रूप से बंद कर दिए गए हैं। प्रशासन ने लोगों को नदी में तैराकी या प्रभावित क्षेत्रों की ओर जाने से बचने की सलाह दी है।

मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में भी बारिश की संभावना बहुत कम है और तापमान ऊंचा बना रह सकता है। साथ ही भूमध्यसागरीय क्षेत्र में चलने वाली तेज हवाएं आग को और तेजी से फैला सकती हैं। इसी वजह से प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति की जानकारी तुरंत संबंधित अधिकारियों को देने की अपील की है।

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