Last Updated: September 30, 2026

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देश के निर्यातकों के लिए खुले भविष्य के रास्ते, FTA डील से खुले UK के बाजार

July 25, 2025

देश के निर्यातकों के लिए खुले भविष्य के रास्ते, FTA डील से खुले UK के बाजार

FTA deal : भारतीय व्यापार संवर्धन परिषद (TPCI) ने भारत-यूके मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की सराहना करते हुए कहा है कि इससे भारतीय निर्यातकों के लिए कई क्षेत्रों में अवसर खुलेंगे। निर्यात में निरंतर वृद्धि के कारण, यूनाइटेड किंगडम (यूके) के साथ भारत का कुल व्यापार वित्तीय वर्ष 2024-25 में 23.1 अरब डॉलर के नए उच्च स्तर पर पहुंच गया। इस अवधि के दौरान, भारत का यूके को निर्यात पिछले वर्ष की तुलना में 12.4 प्रतिशत बढ़कर 14.5 अरब डॉलर हो गया, जबकि आयात 2.3 प्रतिशत बढ़कर 8.6 अरब डॉलर हो गया, जिससे यूके के साथ द्विपक्षीय व्यापार में 5.9 अरब डॉलर का रिकॉर्ड अधिशेष हुआ।

शून्य-शुल्क कवरेज
TPCI ने कहा कि अगले तीन वर्षों में यूके को भारत का कृषि निर्यात 20 प्रतिशत से अधिक बढ़ने की उम्मीद है, जिसका प्रमुख कारण एफटीए द्वारा फलों, सब्जियों, अनाज, कॉफी, चाय, मसालों, तिलहन, मादक पेय और खाने के लिए तैयार वस्तुओं सहित 95 प्रतिशत से अधिक भारतीय कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों पर शून्य-शुल्क कवरेज है।

टैरिफ समानता आएगी
उद्योग निकाय के अनुसार, भारत के समुद्री खाद्य उद्योग को ब्रिटेन के 5.4 अरब डॉलर के समुद्री खाद्य बाज़ार में शून्य-शुल्क पहुंच से लाभ होगा, जिससे जर्मनी और नीदरलैंड जैसे प्रमुख यूरोपीय संघ के देशों के साथ टैरिफ समानता आएगी। इससे आंध्र प्रदेश, ओडिशा, केरल, गुजरात और तमिलनाडु के मछुआरों को सीधा लाभ होगा।

एक महत्वपूर्ण क्षण
TPCI के अध्यक्ष मोहित सिंगला ने कहा, “भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर एक महत्वपूर्ण क्षण है क्योंकि यह भारतीय वस्तुओं और सेवाओं के निर्यातकों के लिए अपार अवसर खोलता है।”

व्यापार बाधाएं होगी दूर
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के एमडी और सीईओ आशीष कुमार चौहान के अनुसार, इस ऐतिहासिक समझौते से ब्रिटेन में काम कर रहे भारतीय पेशेवरों को भी बड़ी राहत मिली है क्योंकि अब उन्हें तीन साल के लिए सामाजिक सुरक्षा कर से छूट मिलेगी, जिससे अनुमानित रूप से 4,000 करोड़ रुपये की वार्षिक बचत होगी।

चौहान ने आगे कहा, “नया वीज़ा ढांचा पेशेवरों के लिए ब्रिटेन में लंबे समय तक रहना और भी आसान बनाता है। यह समझौता अमेरिका, यूरोपीय संघ और जापान जैसी अन्य अर्थव्यवस्थाओं के साथ भविष्य के मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) के लिए एक आदर्श स्थापित करता है, जो लंबे समय से चली आ रही व्यापार बाधाओं को दूर करेगा और उच्च तकनीक निर्यात, मोबाइल निर्माण और सेमीकंडक्टर में सहयोग का मार्ग प्रशस्त करेगा।”

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