प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज महात्मा गांधी के साबरमती स्थित आश्रम पहुंचे। प्रधानमंत्री ने मर्ज का बापू की विरासत से सीधा साक्षात्कार करवाया। उन अभूतपूर्व क्षणों की तस्वीरों को विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया।
एमईए ने तीन तस्वीरों को पोस्ट करते हुए लिखा, “महात्मा की विरासत को साथ में देखना, साझा मूल्यों का जश्न मनाना है। पीएम मोदी और फ्रेडरिक मर्ज साबरमती आश्रम पहुंचे, वहीं जहां से गांधी जी ने दांडी मार्च का आगाज किया था।
ये भी पढ़ें: PAN Card की खराब या पुरानी फोटो बदलना हुआ आसान, जानें स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस
दोनों ने बापू की प्रतिमा पर फूल भी अर्पित किए और उनके चिरस्थायी आदर्शों पर गहनता से विचार किया। मर्ज ने चरखा चलते हुए देखा और बापू के विजन की अनंत विरासत को खुद महसूस किया।” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जर्मन चांसलर के बीच सोमवार को गांधीनगर के महात्मा मंदिर कनवेंशन सेंटर में द्विपक्षीय वार्ता भी हुई।
यह बैठक दोनों देशों के बीच 25 साल पुरानी रणनीतिक साझेदारी की प्रगति की समीक्षा करने और विभिन्न क्षेत्रों में साझेदारी को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से हुई। बैठक में दोनों नेताओं ने व्यापार और निवेश, तकनीक, शिक्षा, स्किल और मोबिलिटी में सहयोग पर चर्चा की।
ये भी पढ़ें: Himachal Fire News: सोलन के अर्की में भीषण अग्निकांड, एक बच्चे की मौत, कई लोग फंसे
इसके अलावा रक्षा और सुरक्षा, विज्ञान, अनुसंधान, हरित विकास, और लोगों के बीच संबंधों जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में साझेदारी को और मजबूत करने पर भी ध्यान दिया गया। मर्ज दो दिवसीय यात्रा पर भारत आए हैं। पीएम मोदी संग उन्होंने सोमवार सुबह सबसे पहले अहमदाबाद में साबरमती आश्रम पहुंचकर महात्मा गांधी को नमन किया था।
आश्रम के बाद मोदी-मर्ज साबरमती रिवरफ्रंट पहुंचे थे। यहां पर इंटरनेशनल काइट फेस्टिवल में शामिल होकर साथ में पतंग उड़ाई थी। मर्ज ने आश्रम का दौरा करने के बाद गेस्ट बुक में लिखा- महात्मा गांधी की अहिंसा की अवधारणा, स्वतंत्रता की शक्ति में उनका विश्वास और हरेक व्यक्ति की गरिमा में उनकी आस्था आज भी लोगों को प्रेरित करती है। गांधी के आदर्शों की आज पहले से कहीं ज्यादा जरूरत है।

