Last Updated: September 21, 2026

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पेइचिंग में भारतीय दूतावास का भव्य वसंत मेला, संस्कृति और मित्रता का जीवंत उत्सव

March 14, 2026

पेइचिंग में भारतीय दूतावास का भव्य वसंत मेला, संस्कृति और मित्रता का जीवंत उत्सव

Grand Spring Fair: चीन की राजधानी पेइचिंग में भारतीय दूतावास ने 14 मार्च को वसंत मेले का आयोजन किया। इस मेले में भारतीय संस्कृति की विविधता और रंगों की सुंदर झलक देखने को मिली। यह केवल एक मेला नहीं था, बल्कि एक ऐसा सांस्कृतिक उत्सव था जिसने चीन में रहने वाले भारतीयों और चीनी मित्रों को एक साथ आने और एक-दूसरे की संस्कृति को समझने का अवसर दिया।

भारतीय दूतावास द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम अब हर साल होने वाली एक ख़ास परंपरा बन चुका है और इसे दूतावास की प्रमुख वार्षिक गतिविधियों में गिना जाता है। वसंत ऋतु के उत्साह के साथ मनाया जाने वाला यह मेला भारत-चीन मित्रता का भी प्रतीक है। यह आयोजन वर्ष 2023 में शुरू हुआ था। वर्ष 2025 में इसका तीसरा संस्करण मार्च के अंतिम सप्ताह के आसपास आयोजित किया गया था, जबकि वर्ष 2026 में यह मेला 14 मार्च को उत्साहपूर्वक आयोजित किया गया।

भारतीय राजदूत के आवास और पुराने चान्सरी परिसर का पूरा प्रांगण इस अवसर पर भारतीय रंगों से सजा हुआ दिखाई दे रहा था। पूरे परिसर में 35 सजे हुए पैवेलियन लगाए गए थे, जिनमें भारतीय भोजन, कला, शिल्प और सांस्कृतिक परंपराओं की झलक देखने को मिली। पेइचिंग के प्रसिद्ध भारतीय रेस्तरां- ‘दास्तान’, ‘ताज पैवेलियन’, ‘इंडियन किचन’ और ‘गंगेस’ ने अपने स्वादिष्ट व्यंजनों से आगंतुकों का ध्यान आकर्षित किया। समोसे, चाट और अन्य लोकप्रिय भारतीय स्नैक्स से लेकर मसाला डोसा, बटर चिकन जैसे पारंपरिक व्यंजनों तक, हर स्टॉल भारतीय स्वाद और मेहमाननवाज़ी का अनुभव करा रहा था।

इस वर्ष मेले में भारतीय दूतावास के महिला क्लब द्वारा संचालित पैवेलियन विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। इन पैवेलियनों से होने वाली आय को परोपकारी कार्यों में लगाया जाएगा। यह पहल समाज सेवा की भावना को बढ़ावा देने के साथ-साथ भारतीय समुदाय के भीतर सहयोग और एकता की भावना को भी मजबूत करती है। इसके अलावा, भारतीय प्रवासी समुदाय के सदस्यों ने भी उत्तर, दक्षिण, पूर्व और पश्चिम भारत की सांस्कृतिक विविधता को अलग-अलग प्रस्तुतियों और रंगों के माध्यम से प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम में स्वास्थ्य और जीवनशैली से जुड़े विषयों को भी महत्व दिया गया। “हेल्थ और वेलनेस कॉर्नर” में आयुर्वेद और योग से जुड़े स्टॉल लोगों के लिए खास आकर्षण बने रहे। लगभग 5000 वर्ष पुरानी भारतीय चिकित्सा पद्धति आयुर्वेद के बारे में लोगों को जानकारी दी गई, जबकि योग सत्रों के माध्यम से शारीरिक और मानसिक संतुलन के महत्व को समझाया गया।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने मेले को और अधिक जीवंत बना दिया। भारतीय और चीनी कलाकारों ने मिलकर कई प्रस्तुतियां दीं, जिन्हें दर्शकों ने खूब सराहा। चीनी बच्चों के एक समूह ने स्ट्रीट डांस की विशेष प्रस्तुति दी। इसके अलावा, थ्येनचिन के एक चीनी समूह ने भारतीय सिनेमा से प्रेरित डांस और संगीत की एक कड़ी प्रस्तुत की। इस प्रस्तुति ने दोनों देशों की सांस्कृतिक परंपराओं के बीच सुंदर सामंजस्य को दर्शाया।

डांस कार्यक्रम भी दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण रहे। मंच पर बॉलीवुड गीतों की ऊर्जा के साथ भारतीय शास्त्रीय और लोक नृत्य शैलियों की शानदार प्रस्तुतियां देखने को मिलीं। कथक, ओडिसी, भरतनाट्यम और कुचिपुड़ी जैसे शास्त्रीय नृत्यों के साथ भांगड़ा, मराठी लोक नृत्य, मणिपुरी लोक नृत्य और तमिल कुथु जैसी लोक प्रस्तुतियों ने भारत की सांस्कृतिक विविधता को प्रभावशाली ढंग से दर्शाया।

इस मेले में साढ़े 3 हजार से अधिक लोगों ने भाग लिया। आगंतुकों के लिए भारतीय हस्तशिल्प और विभिन्न प्रकार के व्यंजनों के स्टॉल लगाए गए। बच्चों और बड़ों के लिए कई रोचक गतिविधियां भी आयोजित की गईं, जबकि पूरे दिन अलग-अलग सांस्कृतिक कार्यक्रम चलते रहे। इन कार्यक्रमों को पांच भागों में प्रस्तुत किया गया, जिनमें शास्त्रीय और फ्यूज़न संगीत, भारतीय और पश्चिमी नृत्य, योग प्रदर्शन, इंटरैक्टिव क्विज़ और दर्शकों की भागीदारी वाले सत्र शामिल थे। पूरे आयोजन का समापन एक उत्साहपूर्ण फ्लैश मॉब के साथ हुआ, जिसमें उपस्थित लोगों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए चीन में भारत के राजदूत प्रदीप रावत ने कहा कि यह उत्सव मित्रता, सौहार्द और सांस्कृतिक आदान-प्रदान की भावना को दर्शाता है। उनके अनुसार ऐसे आयोजन भारतीय संस्कृति की समृद्ध परंपराओं को दुनिया के सामने प्रस्तुत करने के साथ-साथ भारत और चीन के लोगों के बीच आपसी समझ और संबंधों को भी मजबूत बनाते हैं।

पिछले तीन वर्षों से आयोजित हो रहा यह वसंत मेला अब पेइचिंग में भारतीय समुदाय और स्थानीय नागरिकों के लिए एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक मंच बन चुका है। हर वर्ष लगभग साढ़े 3 हजार लोग इसमें भाग लेते हैं। यह आयोजन दोनों देशों के लोगों को करीब लाने का एक प्रभावी माध्यम बन गया है, जहां भारतीय और चीनी संस्कृतियों का सुंदर संगम देखने को मिलता है।

यह मेला इस बात को भी स्पष्ट करता है कि कला, संगीत, नृत्य और भोजन जैसी सांस्कृतिक अभिव्यक्तियाँ सीमाओं से परे होती हैं। यही माध्यम लोगों को जोड़ते हैं, दिलों के बीच की दूरी को कम करते हैं और मित्रता को मजबूत बनाते हैं। पेइचिंग में आयोजित यह भारतीय वसंत मेला इसी सांस्कृतिक संवाद और मानवीय संबंधों का एक जीवंत उदाहरण है।

(अखिल पाराशर, चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

 

 

 

 

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