Site icon Dainik Savera Times

बांग्लादेश में हिंदू नेता की पुलिस हिरासत में मौत, परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप

Hindu Murder in bangladesh

Hindu Murder in bangladesh

इंटरनेशनल डेस्कः बांग्लादेश में एक बार फिर हिरासत में हिंदू शख्स की मौत का मामला सामने आया है। मशहूर संगीतकार और अवामी लीग के नेता प्रोलोय चाकी की राजशाही जिले में पुलिस हिरासत में मौत हो गई। चाकी के परिवार ने पुलिस पर टॉर्चर और समय पर मेडिकल केयर न देने के गंभीर आरोप लगाए हैं।

प्रोलोय चाकी 1990 के दशक के एक लोकप्रिय गायक थे और पाबना जिला अवामी लीग के सांस्कृतिक सचिव के रूप में भी सक्रिय थे। उन्हें एक ऐसे मामले में गिरफ्तार किया गया था, जिसे उनके परिजनों ने पूरी तरह मनगढ़ंत बताया है। परिवार के अनुसार, चाकी लंबे समय से दिल की बीमारी सहित कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे और उन्हें नियमित इलाज की आवश्यकता थी। इसके बावजूद, हिरासत में उनकी तबीयत बिगड़ने पर प्रशासन ने लापरवाही बरती और उन्हें समय पर अस्पताल नहीं ले जाया गया।

ये भी पढ़ें :- श्रीनगर में BJP की कश्मीर इकाई ने आयोजित की VB–Gram RAM G कार्यशाला

हिरासत में हालत बिगड़ने का दावा

रिश्तेदारों ने बताया कि रविवार शाम हिरासत में रहते हुए चाकी की तबीयत अचानक गंभीर हो गई। अधिकारियों को उनकी पहले से मौजूद बीमारियों की जानकारी होने के बावजूद तत्काल चिकित्सा सहायता नहीं दी गई। परिवार का आरोप है कि जब उनकी हालत बिगड़ने लगी, तब भी उन्हें पर्याप्त इलाज से वंचित रखा गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि हिरासत के दौरान उनके साथ शारीरिक उत्पीड़न (टॉर्चर) किया गया।

राजनीतिक गुस्सा और जांच की मांग

प्रोलोय चाकी की मौत के बाद बांग्लादेश में राजनीतिक माहौल गरमा गया है। अवामी लीग और उससे जुड़े कार्यकर्ताओं ने इस घटना को प्रशासनिक मनमानी करार देते हुए स्वतंत्र जांच की मांग की है। पार्टी से जुड़े लोगों का कहना है कि यह मामला यूनुस सरकार के तहत राजनीतिक विरोधियों पर बढ़ते दबाव को दर्शाता है, हालांकि प्रशासन की ओर से अब तक इन आरोपों पर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं आई है।

चाकी को उनके क्षेत्र में एक प्रभावशाली सांस्कृतिक और राजनीतिक हस्ती के रूप में जाना जाता था। उन्होंने संगीत के ज़रिये अवामी लीग को जमीनी स्तर पर लोगों से जोड़ने में अहम भूमिका निभाई थी। उनके समर्थकों का कहना है कि 1990 के दशक के उनके गीत आज भी लोगों के बीच लोकप्रिय हैं।

हिरासत में एक जाने-माने नेता और कलाकार की मौत के बाद हिरासत की स्थितियों, मानवाधिकारों और मेडिकल सुविधाओं की उपलब्धता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अब इस मामले में जवाबदेही तय करने और निष्पक्ष जांच की मांग तेज़ होती जा रही है।

ये भी पढ़ें :- PM Kisan Yojana: देश के सभी किसानों का इंतजार खत्म! इस दिन खाते में आएंगे 2000 रुपये, बस करना होगा ये काम

Exit mobile version