India US trade : भारत और अमेरिका के बीच व्यापार टैरिफ को लेकर चल रही खींचतान में अब एक नया मोड़ आ गया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के साथ व्यापार वार्ता फिर से शुरू करने की इच्छा जताई है। ट्रंप ने अपने आधिकारिक मीडिया मंच Truth Social पर कहा कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत करने को उत्सुक हैं और उन्हें पूरा भरोसा है कि दोनों देशों के बीच व्यापार अवरोध जल्द ही सुलझा लिए जाएंगे।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने पोस्ट किया, “मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका, दोनों देशों के बीच व्यापार बाधाओं को दूर करने के लिए बातचीत जारी रखे हुए हैं। मैं आने वाले हफ़्तों में अपने बहुत अच्छे दोस्त, प्रधानमंत्री मोदी से बात करने के लिए उत्सुक हूँ। मुझे पूरा विश्वास है कि हमारे दोनों महान देशों के लिए एक सफल निष्कर्ष पर पहुंचने में कोई कठिनाई नहीं होगी!”
US President Donald Trump posts, “I am pleased to announce that India, and the United States of America, are continuing negotiations to address the trade barriers between our two nations. I look forward to speaking with my very good friend, Prime Minister Modi, in the upcoming… pic.twitter.com/pDBB4KZh46
— ANI (@ANI) September 9, 2025
PM Modi ने दिया जवाब
भारत और अमेरिका घनिष्ठ मित्र और स्वाभाविक साझेदार हैं। मुझे विश्वास है कि हमारी व्यापार वार्ताएँ भारत-अमेरिका साझेदारी की असीम संभावनाओं को उजागर करने का मार्ग प्रशस्त करेंगी। हमारी टीमें इन चर्चाओं को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए काम कर रही हैं। मैं राष्ट्रपति ट्रम्प से बातचीत के लिए भी उत्सुक हूँ। हम दोनों देशों के लोगों के लिए एक उज्जवल और समृद्ध भविष्य सुनिश्चित करने के लिए मिलकर काम करेंगे।
India and the US are close friends and natural partners. I am confident that our trade negotiations will pave the way for unlocking the limitless potential of the India-US partnership. Our teams are working to conclude these discussions at the earliest. I am also looking forward… pic.twitter.com/3K9hlJxWcl
— Narendra Modi (@narendramodi) September 10, 2025
“भारत को चीन के पाले में नहीं जाने देंगे”
अपने हालिया पोस्ट में ट्रंप ने पहली बार स्वीकार किया कि अमेरिका की सख्त नीतियों की वजह से भारत रूस और चीन के करीब जा सकता है, जो कि अमेरिका के लिए रणनीतिक रूप से नुकसानदायक होगा। उन्होंने लिखा, “मुझे लगता है कि हमने भारत और रूस को चीन के करीब जाने दिया है। अब समय आ गया है कि हम भारत के साथ अपने रिश्तों को फिर से मजबूत करें।” ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका ने कुछ हफ्ते पहले ही भारत से आने वाली वस्तुओं पर 50% तक का टैरिफ लागू कर दिया था, जिसमें रूस से खरीदे गए कच्चे तेल पर अतिरिक्त दंडात्मक शुल्क भी शामिल था।
भारत ने नहीं मानी थी अमेरिका की ‘शर्तें’
अमेरिका भारत से कृषि और डेयरी सेक्टर को अपने बाजार के लिए खोलने की मांग कर रहा था, जिसे भारत ने सख्ती से खारिज कर दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट कर दिया था कि भारत अपने किसानों और उपभोक्ताओं के हितों के साथ समझौता नहीं करेगा। भारत का यह रुख ट्रंप को अप्रत्याशित लगा था, और कुछ समय तक दोनों देशों के संबंधों में ठंडापन देखा गया।
ट्रंप अब नरम पड़े, पीएम मोदी की तारीफ की
हालिया घटनाक्रम में ट्रंप ने यू-टर्न लेते हुए कहा, “मैं प्रधानमंत्री मोदी का मित्र हूं। मुझे कभी-कभी उनकी नीतियां पसंद नहीं आतीं, लेकिन वे एक मजबूत नेता हैं। भारत-अमेरिका का रिश्ता विशेष है और मैं इसे और बेहतर बनाना चाहता हूं।” ट्रंप ने यह भी कहा कि अगले कुछ हफ्तों में वे पीएम मोदी से सीधी बातचीत करेंगे और व्यापार अवरोधों को दूर करने के लिए “ठोस समाधान” खोजेंगे।
पीएम मोदी ने भी दिखाई सकारात्मकता
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्रंप के इस रुख का स्वागत करते हुए X (पूर्व ट्विटर) पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा, “राष्ट्रपति ट्रंप के विचारों और हमारी साझेदारी के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण की मैं सराहना करता हूं। भारत और अमेरिका के बीच वैश्विक रणनीतिक साझेदारी भविष्य में और भी मजबूत होगी। हम मिलकर एक स्थिर, सुरक्षित और समृद्ध विश्व के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
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