Fujian Province : भारत के कोलकाता में स्थित चीनी कौंसुलेट जनरल के निमंत्रण पर 20 से 26 अप्रैल तक भारत के प्रमुख मीडिया संस्थानों, जैसे टाइम्स ऑफ इंडिया, इंडिया टुडे और द स्टेट्समैन के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने चीन के हूनान और फूच्येन प्रांतों की एक सप्ताह की यात्रा की।
इस दौरान, भारतीय पत्रकारों ने फूच्येन प्रांत में 24 से 26 अप्रैल तक गरीबी उन्मूलन, उन्नत विनिर्माण, चिकित्सा देखभाल और शिक्षा में अंतरराष्ट्रीय सहयोग जैसे क्षेत्रों में चीन की उल्लेखनीय प्रगति को करीब से देखा। चाइना मीडिया ग्रुप, चाइना डेली और फूच्येन टीवी जैसे चीनी मीडिया संस्थानों के पत्रकार भी इस यात्रा में उनके साथ थे।
फूच्येन के नींग्ते शहर में भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने गरीबी उन्मूलन और विकास थीम पर आधारित प्रदर्शनी हॉल का दौरा किया और श्याछी गांव का भ्रमण किया। वहां उन्होंने स्थानीय सरकार के गरीबी उन्मूलन के प्रयासों और ग्रामीणों के जीवन में आए सकारात्मक बदलावों को समझा। इसके अलावा, शीताई नव ऊर्जा प्रौद्योगिकी कंपनी के दौरे के माध्यम से उन्होंने चीन के उन्नत विनिर्माण उद्योग की प्रगति का प्रत्यक्ष अनुभव किया।
श्यामन शहर में प्रतिनिधिमंडल ने श्यामन विश्वविद्यालय के कार्डियोवैस्कुलर अस्पताल और मेडिकल स्कूल का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने हृदय रोगों के निदान और उपचार में चीन के अंतरराष्ट्रीय सहयोग के बारे में जाना। भारतीय डॉक्टरों, जो वहां प्रशिक्षण ले रहे थे, और मेडिकल स्कूल के शिक्षकों व छात्रों के साथ उनकी बातचीत हुई।
यात्रा के दौरान, चीनी और भारतीय मीडिया ने “बातचीत, समावेश और अद्भुत नए बुद्धिमान विनिर्माण” विषय पर एक मंच का आयोजन किया। इस मंच पर दोनों पक्षों ने इस बात पर विस्तृत चर्चा की कि मीडिया किस तरह विनिर्माण और अन्य क्षेत्रों में भारत-चीन के बीच सहयोग और आदान-प्रदान को बढ़ावा दे सकता है।
26 अप्रैल को प्रतिनिधिमंडल भारत लौट आया। सभी सदस्यों ने एकमत होकर कहा कि गरीबी उन्मूलन, पर्यावरण संरक्षण, चिकित्सा शिक्षा और विनिर्माण में चीन का अनुभव भारत के लिए प्रेरणादायक और उपयोगी है। इस यात्रा ने न केवल चीन के प्रति उनकी समझ को गहरा किया, बल्कि दोनों देशों के मीडिया के बीच सहयोग को भी मजबूत किया। प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने कहा कि वे अपनी विस्तृत रिपोर्टों के माध्यम से भारतीय जनता को चीन की प्रगति और संभावनाओं से अवगत कराएंगे, जिससे दोनों देशों के बीच संबंधों को और मजबूती मिलेगी।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

