Last Updated: October 18, 2026

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Iran–Israel War : ईरान में फंसे हैं लखनऊ के लोग… परिजनों ने सरकार से लगाई गुहार

June 19, 2025

Iran–Israel War : ईरान में फंसे हैं लखनऊ के लोग… परिजनों ने सरकार से लगाई गुहार

इंटरनेशनल डेस्क : ईरान और इज़रायल के बीच बढ़ते युद्ध जैसे हालात के बीच भारत के कई नागरिक ईरान में फंसे हुए हैं। इनमें ज़्यादातर लोग धार्मिक यात्रा यानी ज़ियारत पर गए हैं। लखनऊ से भी कई परिवारों के सदस्य ईरान गए हुए हैं। वहां मौजूद भारतीयों के परिजनों ने अब अपनी चिंता, आस्था और उम्मीदें ज़ाहिर की हैं। इसके साथ ही उन्होंने भारत सरकार से मदत की गुहार लगाई है। आइए जानते है इस खबर को विस्तार से…

“हमें कोई खतरा नहीं लग रहा” 

दरअसल, लखनऊ निवासी आरिफ आब्दी ने बताया कि उनके परिवार के कुछ सदस्य करीब 15 दिन पहले जियारत के लिए ईरान गए थे। उन्होंने कहा कि ईरान के स्थानीय लोग जायरीन की सम्मानपूर्वक सेवा कर रहे हैं, क्योंकि धार्मिक स्थलों पर आए लोगों की सेवा वहां एक पुरानी परंपरा है। आरिफ ने कहा, “हमें वहां से किसी भी खतरे का अहसास नहीं हो रहा। हमारी पूरी आस्था है कि हमारे इमाम हमारी हिफाज़त करेंगे।” उन्होंने यह भी बताया कि जो शिया मुसलमान ज़ियारत के लिए ईरान जाता है, वह वहां से कर्बला की मिट्टी या कफन लाने की इच्छा रखता है। उन्होंने कहा, “अगर किसी को वहीं मौत भी आ जाए तो भी यह हमारे लिए अफसोस की बात नहीं मानी जाती।”

“फ्लाइट रद्द हो गई, लेकिन परिजन सुरक्षित हैं” 

कंबर इमाम, जिनके परिजन 27 तारीख को ईरान गए थे और 21 तारीख को लौटने वाले थे, उन्होंने बताया कि उनकी फ्लाइट रद्द हो गई है। हालांकि उन्होंने राहत की बात यह बताई कि उनके परिवार के लोग सुरक्षित हैं और उन्हें कोई परेशानी नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि इज़रायल की तरफ से मिसाइल हमले हो रहे हैं लेकिन ईरान उन्हें सफलतापूर्वक रोक रहा है। उनका मानना है कि फिलहाल स्थिति काबू में है और ज्यादा खतरे की बात नहीं है।

“सरकार भारतीयों की वतन वापसी की व्यवस्था करे”

लखनऊ के ही निवासी नवाब इकबाल, जिनके परिजन ईरान के मशहद शहर में हैं, उन्होंने भी अपनी चिंता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि नेटवर्क की दिक्कतों के बावजूद परिवार से संपर्क हो पा रहा है। उनकी फ्लाइट 20 तारीख को थी, जो अब कैंसिल हो गई है, और अब नई संभावित तारीख 25 जून बताई जा रही है। उन्होंने भारत सरकार से अपील करते हुए कहा, “जैसे बाकी देशों से संकट के समय भारतीयों को निकाला गया, वैसे ही ईरान में फंसे लोगों की भी वतन वापसी की व्यवस्था की जाए।”

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आस्था में अडिग, लेकिन सरकार से मदद की उम्मीद”

नवाब इकबाल ने आगे कहा, “हमें इमाम हुसैन पर पूरा विश्वास है। अगर हमें वहीं आखिरी सांस भी लेनी पड़े तो हमें कोई अफसोस नहीं होगा।” उन्होंने कहा कि जो लोग वहां हैं, वे किसी डर में नहीं, बल्कि एक ऐसी जगह पर हैं जहां उनकी पूरी आस्था और श्रद्धा है। हालांकि सभी परिजनों को सरकार से यह उम्मीद है कि वह स्थिति को गंभीरता से लेते हुए जल्द ही सभी भारतीयों को सुरक्षित वतन वापस लाएगी।

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