इंटरनेशनल डेस्क: पश्चिम एशिया इस समय गंभीर अशांति के दौर से गुजर रहा है। हिंसा, विरोध-प्रदर्शन और तनाव की स्थिति लगातार बनी हुई है। इस्राइल की सीमाओं से जुड़े गाजा पट्टी और लेबनान के बाद अब ईरान भी बीते कई हफ्तों से भारी विरोध प्रदर्शनों की चपेट में है। ईरान की सड़कों पर उतरी जनता देश के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई और सरकार के खिलाफ खुलकर नारेबाजी कर रही है। राजधानी तेहरान समेत कई बड़े शहरों में हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि सुरक्षा बलों को कानून-व्यवस्था संभालने में भारी मशक्कत करनी पड़ रही है।
हालात बेकाबू, इंटरनेट बंद और मौतों के आंकड़ों पर विवाद
ईरान की स्थिति कितनी गंभीर है, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि सरकार ने कई दिनों से मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट सेवाएं बंद कर रखी हैं। मृतकों की संख्या को लेकर भी अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं। अमेरिकी मानवाधिकार संगठन HRANA के मुताबिक अब तक 6,126 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं ईरानी सरकार का कहना है कि अब तक 3,117 लोगों की जान गई है, जिनमें 2,427 आम नागरिकों के अलावा सुरक्षाबलों के जवान भी शामिल हैं।
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लेबनान में भी दिखा ईरान संकट का असर
ईरान में जारी हालात का असर पड़ोसी देश लेबनान में भी देखने को मिल रहा है। ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक, लेबनान की राजधानी बेरूत के दक्षिणी इलाकों में हिजबुल्ला समर्थकों ने रैली निकाली। इस दौरान प्रदर्शनकारियों के हाथों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की तस्वीरें देखी गईं। खास बात यह रही कि इस रैली में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल थीं, जिन्होंने ईरानी सरकार के समर्थन में एकजुटता दिखाई।
आखिर क्यों भड़के ईरान में विरोध प्रदर्शन?
ईरान में शुरू हुआ यह आंदोलन अब देशव्यापी रूप ले चुका है। शुरुआत में यह प्रदर्शन आर्थिक संकट, बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी के खिलाफ थे, लेकिन धीरे-धीरे यह आंदोलन सरकार और सत्ता व्यवस्था के खिलाफ बदल गया। आज हालात यह हैं कि ईरान के सभी 31 प्रांतों में प्रदर्शन हो रहे हैं। राजधानी तेहरान का मशहूर ग्रैंड बाजार, जिसे व्यापारियों का गढ़ माना जाता है, अब विरोध प्रदर्शनों का बड़ा केंद्र बन चुका है।
मृतकों की संख्या को लेकर डराने वाले दावे
कई अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स में मृतकों की संख्या को लेकर बेहद चौंकाने वाले दावे किए जा रहे हैं। कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया है कि मरने वालों की संख्या 12 हजार से 20 हजार के बीच हो सकती है। इसके अलावा यह भी दावा किया गया है कि सुरक्षाबलों ने 25 हजार से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया है। अमेरिकी मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के अंदर मौजूद सूत्रों ने इन आंकड़ों की पुष्टि की है।
मुर्दाघरों के बाहर भयावह दृश्य
रिपोर्ट के मुताबिक, तेहरान के बाहरी इलाकों में स्थित मुर्दाघरों के बाहर हालात बेहद डरावने हैं। यहां 300 से 400 शव एक साथ रखे देखे गए। फॉरेंसिक विभाग के कर्मचारी शवों पर मौजूद चोटों और गोलियों के निशानों का रिकॉर्ड बनाते नजर आए। कई शवों पर गंभीर जख्म और गोली लगने के निशान पाए गए। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग अपने लापता परिजनों की तलाश में शवों के बीच भटकते दिखाई दिए, जिससे माहौल और भी दर्दनाक हो गया।
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