Last Updated: November 5, 2026

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ईरान का बड़ा दावा: अमेरिका के 2 जहाजों और 8 तेल टैंकरों पर हमला, 10 अन्य जहाज भी निशाने पर

September 9, 2026

ईरान का बड़ा दावा: अमेरिका के 2 जहाजों और 8 तेल टैंकरों पर हमला, 10 अन्य जहाज भी निशाने पर

तेहरान: ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने खाड़ी में अमेरिका के दो जहाजों और आठ तेल टैंकरों पर हमले का दावा क‍िया। साथ ही, होर्मुज स्‍ट्रेट के प्रतिबंधित और असुरक्षित इलाके से गुजरने की कोशिश कर रहे दस जहाजों को भी निशाना बनाया। आईआरजीसी के मुताब‍िक यह हमले उस जवाबी कार्रवाई के तह‍त क‍िए गए, ज‍िसमें ईरान के पांच टैंकरों को न‍िशाना बनाकर नष्‍ट क‍िया गया।

स‍िन्हुआ समाचार एजेंसी ने ईरान की सरकारी मीडिया की रिपोर्ट के हवाले से बताया क‍ि ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने बुधवार को कहा कि उसने खाड़ी में अमेरिका के दो जहाजों और आठ तेल टैंकरों पर हमला किया। ईरान की मेहर समाचार एजेंसी की र‍िपोर्ट के अनुसार, ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) की नौसेना ने कहा है कि यह कार्रवाई अमेरिका की ओर से ईरान के पांच तेल टैंकरों पर किए गए हमले के जवाब में की गई।

आईआरजीसी नौसेना ने एक बयान में कहा कि उसने फारस की खाड़ी में मौजूद दो अमेरिकी जहाजों और आठ टैंकरों पर हमला किया। इसके साथ ही, होर्मुज स्‍ट्रेट के उस क्षेत्र से गुजरने की कोशिश कर रहे दस अन्य जहाजों को भी निशाना बनाया गया, जिसे उसने प्रतिबंधित और असुरक्षित क्षेत्र बताया।

मेहर की र‍िपोर्ट के अनुसार, बयान में कहा गया कि ये अभियान फारस की खाड़ी में ईरान के पांच टैंकरों के खिलाफ ‘अमेरिकी सेना की आक्रामक और शरारतपूर्ण कार्रवाई’ के जवाब में चलाए गए। आईआरजीसी ने अमेरिकी सेना को ‘आतंकवादी अमेरिकी सेना’ बताया और दावा किया कि हमलों में दो अमेरिकी जहाजों और आठ टैंकरों को भारी नुकसान पहुंचा।

आईआरजीसी नौसेना ने कहा कि होर्मुज स्‍ट्रेट के प्रतिबंधित और असुरक्षित क्षेत्र से गुजरने की कोशिश कर रहे दस अन्य जहाजों को भी निशाना बनाया गया। उसके अनुसार, ये जहाज अमेरिकी सेना के प्रोत्साहन और समर्थन से वहां से गुजरने का प्रयास कर रहे थे। आईआरजीसी नौसेना ने कहा कि होर्मुज स्‍ट्रेट उसकी सेनाओं की कड़ी निगरानी और नियंत्रण में बना हुआ है। इससे पहले आईआरजीसी ने बुधवार को ही जॉर्डन में स्थित एक अमेरिकी एयर बेस पर भी हमले दावा क‍िया था।

आईआरजीसी ने एक बयान में कहा कि उसने अल-अजराक एयर बेस में अमेरिकी सेना के एफ-35, एफ-16 और एफ-15 लड़ाकू विमानों की मरम्मत, रखरखाव, तैयारी और तैनाती के लिए इस्तेमाल होने वाले एक हैंगर को निशाना बनाया। इसके अलावा, अमेरिकी लड़ाकू विमानों के लिए बने एक शेल्टर पर भी हमला किया गया। आईआरजीसी ने दावा किया कि इस हमले में ‘दुश्मन को भारी नुकसान पहुंचाया गया।’ आईआरजीसी का कहना है कि यह कार्रवाई ईरानी तेल टैंकरों पर अमेरिका के ‘आक्रामक’ हमलों के जवाब में की गई।

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