इंटरनेशनल डेस्क: इजरायल और ईरान के बीच अब सीजफायर हो चुका है। दोनों के बीच संघर्ष के दौरान अमेरिका की एंट्री भी देखने को मिली थी। अमेरिका ने ईरान के एटमी ठिकानों पर हमले किए थे। अब इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने दावा किया है कि ईरान की मंशा परमाणु बम बनाकर उसके ऊपर हमला करने की थी। शनिवार को एक चैनल से बातचीत में नेतन्याहू ने कहा कि ईरान हिजबुल्लाह के पतन के बाद लगातार इस्लामिक रिवोल्यूशरी गार्ड कोर (IRGC) की ओर से संवर्धित किए गए यूरेनियम से एटम बम बनाने में जुट गया था।
नेतन्याहू ने कहा कि एक साल के भीतर इजरायल ने ईरान के पास परमाणु बम होने की भविष्यवाणी की थी। वे इसका इस्तेमाल भी जरूर करते। उनका रवैया दूसरी एटमिक ताकतों जैसा नहीं है। वे हमले से गुरेज नहीं करेंगे। गाजा में जंग और बंधकों को लेकर भी नेतन्याहू ने अपनी प्रतिक्रिया दी। नेतन्याहू ने कहा कि वे लोग गाजा में किसी को नुकसान न पहुंचाने के लिए हर जरूरी कदम उठा रहे हैं। इजरायली नागरिक किसी को नुकसान पहुंचाने से बचने की कोशिश करता है, जबकि हमास इसके उलट काम करने के लिए प्रयास करता है।
इस दौरान पीएम बेंजामिन से सवाल किया गया कि अगर हिस्ट्री में किसी शख्स से मिलने का मौका दिया जाए तो वे किसी चूज करेंगे? इजरायली पीएम ने इसका जवाब दिया कि ‘थियोडोर हर्जल। बता दें कि हर्जल को आस्ट्रियाई-हंगेरियन पत्रकार, वकील और लेखक के तौर पर जाना जाता है। उनका जन्म 1860 में हुआ था। उनको आधुनिक यहूदीवाद का जनक माना जाता है, जिनकी मृत्यु 1904 में हुई थी। हर्जल ने ही पहली बार यहूदियों के लिए अलग देश की अवधारणा को जन्म दिया था।
पीएम बेंजामिन ने कहा कि जब हर्जल 36 साल के थे, जब उन्होंने कहा था कि यूरोप में यहूदी विरोधी ताकतें सक्रिय होंगी, जो यहूदियों को यहां से खात्मा कर देंगी। बेहतर होगा कि हम लोग यरुशलम इलाके यानी अपनी पैतृक भूमि को यहूदी राष्ट्र के तौर पर पुनर्जीवित करें। उन्होंने 8 साल में ही यहूदी लोगों के लिए अभूतपूर्व काम किया। 44 साल में उनका निधन हो गया था। 50 साल बाद इजरायल एक यहूदी राष्ट्र बना था।
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