Israel Iran war: मध्य पूर्व में एक बार फिर हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं। इजरायल ने ईरान पर व्यापक सैन्य हमला किया है, जिसके बाद तेहरान सहित कई शहरों में हवाई हमलों के सायरन बज उठे। इजरायली वायुसेना ने ऑपरेशन की पुष्टि करते हुए कहा कि यह कार्रवाई सुरक्षा कारणों से की गई है।
בדקות האחרונות הושמעו אזעקות בכל רחבי המדינה, והופצה הנחייה מקדימה של פיקוד העורף, ישירות לטלפונים הניידים, המורה על הימצאות בסמיכות למרחב מוגן.
מדובר בהתרעה יזומה שמטרתה לדרוך את הציבור לאפשרות של ירי טילים לשטחנו.
צה״ל מדגיש כי נכון לעכשיו אין צורך לשהות בתוך מרחבים מוגנים.
— Israeli Air Force (@IAFsite) February 28, 2026
तेहरान में धमाकों की आवाज, कई जगह आग
राजधानी तेहरान में कई स्थानों पर तेज धमाकों की आवाज सुनाई दी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कुछ इलाकों में आग की लपटें और काला धुआं उठता देखा गया। स्थानीय मीडिया, जिनमें तेहरान टाइम्स भी शामिल है, ने हमलों की पुष्टि की है और घटनास्थल के वीडियो जारी किए हैं। बताया जा रहा है कि इजरायल ने एक साथ कई बैलिस्टिक मिसाइलों से हमले किए, हालांकि आधिकारिक तौर पर लक्ष्यों और क्षति का पूरा ब्योरा अभी सामने नहीं आया है।
#WATCH | Tehran, Iran | Israel has launched a preventative missile attack against Iran, the Israeli defence minister said; visuals of the aftermath of the strike in Iran as a plume of smoke billows into the sky
The U.S. participated in the (Iran) attack and was also carrying out… pic.twitter.com/tzfR1WnDhO
— ANI (@ANI) February 28, 2026
इजरायल में भी अलर्ट
हमले के तुरंत बाद इजरायल में भी सायरन बजने लगे। IDF ने नागरिकों को सुरक्षित ठिकानों के पास रहने और मोबाइल अलर्ट का पालन करने की सलाह दी है। तेल-अवीव और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में एहतियातन सुरक्षा बढ़ा दी गई है। इजरायली अधिकारियों ने कहा है कि संभावित जवाबी कार्रवाई की आशंका को देखते हुए यह अलर्ट जारी किया गया है।
परमाणु विवाद के बीच बढ़ा तनाव
यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर वार्ता ठप पड़ी हुई है। अमेरिका लंबे समय से चाहता है कि ईरान यूरेनियम संवर्धन बंद करे और परमाणु हथियार विकसित न करे। वहीं ईरान का कहना है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा हाल के दिनों में ईरान को लेकर कड़े बयान दिए गए थे, जिनमें संभावित सैन्य कार्रवाई की चेतावनी भी शामिल थी। हालांकि इस हमले में अमेरिका की प्रत्यक्ष भूमिका को लेकर अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
क्षेत्रीय स्थिरता पर सवाल
विश्लेषकों का मानना है कि यह घटनाक्रम पूरे मध्य पूर्व को व्यापक संघर्ष की ओर धकेल सकता है। दोनों देशों के बीच पहले से ही गहरा अविश्वास और परोक्ष टकराव रहा है। अब सीधी सैन्य कार्रवाई ने हालात को और संवेदनशील बना दिया है।
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