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इजरायल की चेतावनी से गाजा में मचा हड़कंप, कहा- शहर खाली करो वरना माना जाएगा आतंकवादी

Israel’s Defense Minister Israel Katz : इजरायल और फिलिस्तीन के बीच तनाव लगातार गहराता जा रहा है। आपको बता दें कि इजरायल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने गाजा शहर के निवासियों को कड़ा अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने कहा है कि यह गाजा निवासियों के लिए अंतिम अवसर है कि वे दक्षिण की ओर पलायन कर लें। काट्ज ने साफ चेतावनी दी कि जो भी लोग गाजा शहर में रहेंगे, उन्हें आतंकवादी या आतंकवाद समर्थक माना जाएगा और उन्हें इजरायली हमलों का सामना करना पड़ेगा।

रक्षा मंत्री ने कहा- शहर खाली करो वरना माना जाएगा आतंकवादी

इजरायली रक्षा मंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा, “यह उन गाजा निवासियों के लिए अंतिम अवसर है, जो हमास आतंकवादियों को अलग-थलग छोड़कर दक्षिण की ओर जाना चाहते हैं। जो लोग यहां रुकेंगे, वे इजरायल की कार्रवाई का हिस्सा बनेंगे।”

इस बीच, गाजा के स्थानीय अस्पतालों ने जानकारी दी है कि इजरायली हमलों में कम से कम 16 लोगों की मौत हो चुकी है। बुधवार को इजरायली सेना ने गाजा पर तीव्र बमबारी की थी, जिससे कई इमारतें ध्वस्त हो गईं।

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डोनाल्ड ट्रंप ने पेश किया है शांति प्रस्ताव

बता दें कि इजरायल की चेतावनी ऐसे समय आई है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जंग को समाप्त करने के लिए नया 20 सूत्रीय शांति प्रस्ताव पेश किया है। बताया जा रहा है कि हमास इस प्रस्ताव पर विचार कर रहा है। पिछले महीने से जारी संघर्ष में करीब 4 लाख फिलिस्तीनी गाजा शहर से पलायन कर चुके हैं, लेकिन हजारों लोग अब भी वहीं फंसे हुए हैं। इनमें से कई लोग बेहद कमजोर हैं और दक्षिणी हिस्सों में बने शिविरों तक पहुंचने में असमर्थ हैं।

विदेश मंत्री बदर अब्देलती ने कहा- ‘शांति प्रस्ताव पर है बातचीत की जरूरत’

ट्रंप के शांति प्रस्ताव पर मिस्र के विदेश मंत्री बद्र अब्देलती ने कहा कि इसमें कई ऐसे पहलू हैं जिन पर और बातचीत की जरूरत है। वहीं, हमास ने भी कहा है कि वह इस प्रस्ताव का अध्ययन करेगा, हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि वह कब प्रतिक्रिया देगा। प्रमुख मध्यस्थ देशों मिस्र और कतर की टिप्पणियों से यह संकेत मिला है कि अरब देशों में ट्रंप की 20 सूत्रीय योजना को लेकर असंतोष है। गौरतलब है कि यह शांति प्रस्ताव व्हाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच सहमति बनने के बाद पेश किया गया।

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