Japan earthquake : जापान में रविवार को एक बार फिर भूकंप के जोरदार झटके महसूस किए गए। आपको बता दें कि उत्तरी जापान के पूर्वी हिस्से होक्काइडो में आए इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 5.9 दर्ज की गई। ये झटके इतने तेज थे कि कई लोग घबराकर अपने घरों से बाहर निकल आए। हालांकि, राहत की बात यह है कि अब तक किसी भी जानमाल के नुकसान या सुनामी के खतरे की कोई जानकारी नहीं मिली है।
भूकंप का केंद्र और प्रभाव
जापान मौसम विज्ञान एजेंसी (JMA) के अनुसार, भूकंप का केंद्र नेमुरो प्रायद्वीप के दक्षिण-पूर्व में लगभग 40 किलोमीटर की गहराई पर था। झटके दोपहर 1:40 बजे (स्थानीय समय) महसूस किए गए। एजेंसी ने बताया कि भूकंप के बाद किसी भी तटीय इलाके में सुनामी की चेतावनी जारी नहीं की गई है।
जापान की प्रमुख समाचार एजेंसी क्योदो न्यूज ने बताया कि उत्तरी द्वीप के कुछ इलाकों में झटकों की तीव्रता जापान के सात-स्तरीय भूकंपीय पैमाने पर 5 से थोड़ी कम दर्ज की गई। वहीं, अग्निशमन एवं आपदा प्रबंधन एजेंसी ने भी आपातकालीन चेतावनी जारी की और स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
घरों से बाहर निकले लोग
भूकंप के तुरंत बाद कई इलाकों में लोग एहतियात के तौर पर घरों से बाहर निकल आए। बिजली और संचार व्यवस्था सामान्य बताई जा रही है। किसी भी इमारत के गिरने या बड़ी क्षति की कोई खबर नहीं मिली है। अधिकारियों ने लोगों से शांत रहने और आधिकारिक निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
जापान में बार-बार क्यों आते हैं भूकंप?
जापान दुनिया के उन देशों में शामिल है, जहां भूकंप आना आम बात है। इसका प्रमुख कारण यह है कि जापान पैसिफिक रिंग ऑफ फायर (Pacific Ring of Fire) के क्षेत्र में स्थित है। यह इलाका टेक्टोनिक प्लेट्स की लगातार हलचल के कारण भूकंपीय गतिविधियों का केंद्र माना जाता है।
धरती की सतह के नीचे मौजूद टेक्टोनिक प्लेट्स के टकराने या खिसकने से भूकंप उत्पन्न होता है। जापान, इंडोनेशिया, नेपाल और भारत जैसे देश इसी भूगर्भीय जोन में आते हैं। यही वजह है कि जापान में अक्सर भूकंप, ज्वालामुखी विस्फोट और सुनामी जैसी घटनाएं देखने को मिलती हैं।
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