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Canada में हुआ Khalistan जनमत संग्रह, बड़ी संख्या में पहुंचे सिख

September 11, 2023

Canada में हुआ Khalistan जनमत संग्रह, बड़ी संख्या में पहुंचे सिख

टोरंटोः कनाडा में खालिस्तान जनमत संग्रह कार्यक्रम में सिख बड़ी संख्या में पहुंचे, ठीक उसी दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जी20 नेताओं के शिखर सम्मेलन में अपने समकक्ष जस्टिन ट्रूडो को उत्तरी अमेरिकी राष्ट्र में जारी भारत विरोधी गतिविधियों के बारे में नई दिल्ली की कड़ी चिंताओं से अवगत कराया। भारत में सिखों के लिए एक अलग मातृभूमि, खालिस्तान के समर्थन पर वोट रविवार को ब्रिटिश कोलंबियन प्रांत सरे में गुरु नानक सिख गुरुद्वारे में आयोजित किया गया था, जहां इसके पूर्व अध्यक्ष हरदीप सिंह निज्जर की जून में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

रिपोर्ट के अनुसार, जनमत संग्रह का आयोजन करने वाले प्रतिबंधित खालिस्तान समर्थक समूह सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) ने कहा कि इस कार्यक्रम में 100,000 से अधिक लोग शामिल हुए। सिख फॉर जस्टिस के निदेशक जतिंदर ग्रेवाल ने वैंकूवर स्थित एक समाचार चैनल को बताया, कि ’मतदान हमें और व्यापक समुदाय को बताता है कि खालिस्तान का मुद्दा लोगों के एक सीमांत समूह के लिए मुद्दा नहीं है, बल्कि.. यह एक गहरी जड़ वाला मुद्दा है जो कई सिखों के दिल और दिमाग को छूता है।’

मतदान सरे के एक स्कूल में होना था, लेकिन संबंधित निवासियों द्वारा पोस्टर पर हथियारों की तस्वीरें स्कूल अधिकारियों के ध्यान में लाए जाने के बाद इसे रद्द कर दिया गया। कड़े शब्दों में निंदा करते हुए मोदी ने शनिवार को ट्रूडो से कहा कि चरमपंथी तत्व अलगाववाद को बढ़ावा दे रहे हैं और भारतीय राजनयिकों के खिलाफ हिंसा भड़का रहे हैं, राजनयिक परिसरों को नुकसान पहुंचा रहे हैं और कनाडा में समुदाय और उनके पूजा स्थलों को धमकी दे रहे हैं।

विदेश मंत्रलाय के एक बयान में प्रधानमंत्री मोदी के हवाले से कहा गया, ‘संगठित अपराध, ड्रग सिंडिकेट और मानव तस्करी के साथ ऐसी ताकतों का गठजोड़ कनाडा के लिए भी चिंता का विषय होना चाहिए। ऐसे खतरों से निपटने के लिए दोनों देशों का सहयोग करना जरूरी है।‘ अपने भारतीय समकक्ष से मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में ट्रूडो ने कहा कि कुछ लोगों की हरकतें पूरे समुदाय या कनाडा का प्रतिनिधित्व नहीं करतीं।

उन्होंने खालिस्तानी उग्रवाद पर एक सवाल के जवाब में कहा, ’कनाडा हमेशा अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, अंतरात्मा की स्वतंत्रता और शांतिपूर्ण विरोध की स्वतंत्रता की रक्षा करेगा और यह हमारे लिए बेहद महत्वपूर्ण है। साथ ही हम हिंसा को रोकने और नफरत को पीछे धकेलने के लिए हमेशा मौजूद हैं।’

ट्रूडो के 9-10 सितंबर के शिखर सम्मेलन के लिए भारत रवाना होने से कुछ ही दिन पहले, सरे में श्री माता भामेश्वरी दुर्गा मंदिर में भारत विरोधी और खालिस्तान समर्थक नारों के साथ तोड़फोड़ की गई थी। नई दिल्ली में कड़ा विरोध दर्ज कराने के बावजूद, कनाडा में खालिस्तानी समर्थक भित्तिचित्रों और पोस्टरों के साथ देश भर में भारतीय राजनयिकों और मंदिरों को निशाना बनाकर भारत विरोधी अभियान जारी है। टोरंटो में भारतीय वाणिज्य दूतावास के बाहर खालिस्तानी तत्वों द्वारा ‘किल इंडिया‘ पोस्टर प्रदर्शति करने की घटनाओं के बाद विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा था कि कनाडा स्पष्ट रूप से वोटबैंक की राजनीति से प्रेरित होकर इन विरोध प्रदर्शनों की अनुमति दे रहा है।

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