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सीजफायर के बीच बढ़ा तनाव: इजरायल का दावा- हिजबुल्लाह चीफ नईम कासिम के भतीजे को मार गिराया

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इंटरनेशनल डेस्क: अमेरिका और ईरान के बीच 14 दिन के सीजफायर (युद्धविराम) पर सहमति बनने के बावजूद मिडिल ईस्ट में तनाव कम होता नहीं दिख रहा है। इसी बीच इजरायल ने बड़ा दावा किया है कि उसने हिजबुल्लाह प्रमुख नईम कासिम के भतीजे अली यूसुफ हारशी को मार गिराया है।

इजरायली सेना (IDF) के अनुसार, उसने लेबनान की राजधानी बेरूत में हमला किया, जिसमें हारशी मारा गया। सेना का कहना है कि वह नईम कासिम का पर्सनल सेक्रेटरी भी था। हालांकि, अभी तक हिजबुल्लाह की तरफ से इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

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हिजबुल्लाह के बड़े ठिकानों को निशाना बनाया

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायल ने यह भी कहा है कि उसने बेरूत में रातभर चले हमलों में हिजबुल्लाह के बड़े ठिकानों को निशाना बनाया। अगर हारशी की मौत की पुष्टि होती है, तो इसे हिजबुल्लाह और ईरान दोनों के लिए बड़ा झटका माना जाएगा, क्योंकि हिजबुल्लाह मिडिल ईस्ट में ईरान का अहम सहयोगी है।

लेबनान में तेज हुए हमले

सीजफायर के बावजूद इजरायल ने लेबनान में अपने हमले तेज कर दिए हैं। 8 अप्रैल से अब तक इन हमलों में 250 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और 1100 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। इन हमलों में एक धार्मिक नेता (इमाम) की भी जान गई है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पहले ही कह चुके हैं कि यह सीजफायर लेबनान पर लागू नहीं होगा।

ईरान की चेतावनी

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इजरायल को चेतावनी दी है कि अगर लेबनान पर हमले नहीं रोके गए, तो ईरान सीजफायर समझौता खत्म कर सकता है। उन्होंने कहा कि अमेरिका को तय करना होगा कि वह शांति चाहता है या इजरायल के जरिए युद्ध जारी रखना चाहता है।

कौन हैं नईम कासिम?

नईम कासिम हिजबुल्लाह के प्रमुख नेताओं में से एक हैं और इस संगठन के संस्थापक सदस्यों में शामिल रहे हैं। उनका जन्म लेबनान के नबातियेह इलाके में हुआ था। उन्होंने लेबनानी विश्वविद्यालय से पढ़ाई की और बाद में इस्लामी शिक्षा में भी विशेषज्ञता हासिल की। वे लंबे समय से हिजबुल्लाह की रणनीति और विचारधारा से जुड़े हुए हैं और संगठन में अहम भूमिका निभाते रहे हैं।

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