पोलैंड के उप विदेश मंत्री व्लादिस्लाव बार्टोशेव्स्की ने वैश्विक मंच पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भूमिका की खुलकर सराहना की है। आईएएनएस से खास बातचीत में उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने रूस को यूक्रेन पर परमाणु हमला करने से रोकने में अहम भूमिका निभाई थी।
भारत और पोलैंड के रिश्तों पर बात करते हुए बार्टोशेव्स्की ने कहा कि दोनों देशों के बीच संबंध काफी मजबूत और भरोसेमंद हैं। उन्होंने कहा, “भारत के साथ हमारे बहुत अच्छे रिश्ते हैं और हम वैश्विक स्तर पर भारत की भूमिका को पूरी तरह स्वीकार करते हैं।”
रूस-यूक्रेन युद्ध के संदर्भ में प्रधानमंत्री मोदी की भूमिका का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि 2022 के अंत में पीएम मोदी ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बातचीत की थी और उन्हें यूक्रेन में टैक्टिकल न्यूक्लियर हथियार के इस्तेमाल से रोकने की कोशिश की थी। बार्टोशेव्स्की ने इसे भारत और प्रधानमंत्री मोदी की एक सकारात्मक और जिम्मेदार पहल बताया।
उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के पोलैंड दौरे को भी याद किया। बार्टोशेव्स्की ने कहा कि 2024 में भारत और पोलैंड के बीच रणनीतिक साझेदारी समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे। उस दौरान प्रधानमंत्री मोदी पोलैंड आने वाले पिछले 45 वर्षों में पहले भारतीय प्रधानमंत्री थे। उन्होंने इस दौरे को बेहद सफल बताया और कहा कि इसके बाद भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते में पोलैंड भी शामिल है।
उन्होंने बताया कि हाल ही में विदेश मंत्रालय में हुई बैठकों में दोनों देशों के बीच सैन्य सहयोग, डिजिटल उद्योग, सुरक्षा, हाई-टेक आईटी निवेश, अंतरिक्ष सहयोग और अन्य व्यावहारिक मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई है।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर पूछे गए सवाल के जवाब में बार्टोशेव्स्की ने कहा कि भारत आज एक बड़ी आर्थिक शक्ति बन चुका है। उन्होंने कहा कि भारत जीडीपी के लिहाज से दुनिया में चौथे स्थान पर है और प्रधानमंत्री मोदी ने साफ कर दिया है कि देश का लक्ष्य जल्द ही तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनना है। उन्होंने यह भी कहा कि करीब डेढ़ अरब आबादी के साथ भारत एक विशाल और उन्नत बाजार है, जिसे नजरअंदाज करना किसी के लिए भी समझदारी नहीं होगी।
ट्रेड डील को लेकर उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति में समझौता न होने से बेहतर है कि व्यापार समझौता हो। आमतौर पर टैरिफ का बोझ आखिरकार उपभोक्ताओं पर ही पड़ता है, इसलिए टैरिफ जितने कम हों, उतना बेहतर होता है। उन्होंने भारत और अमेरिका के बीच हुए समझौते को सकारात्मक कदम बताया, जिससे शुल्क में बड़ी कटौती हुई है।
इससे पहले गुरुवार को विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज और व्लादिस्लाव बार्टोशेव्स्की के बीच नई दिल्ली में अहम बैठक हुई थी। इस दौरान दोनों देशों की द्विपक्षीय रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा की गई और 2024-2028 के एक्शन प्लान के प्रमुख लक्ष्यों पर चर्चा हुई।
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