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Mexico, Canada और China के उत्पादों पर भारी टैरिफ का आदेश तैयार, शनिवार को हस्ताक्षर कर सकते हैं Donald Trump

Elon Musk Starts Tesla Factory

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Donald Trump : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप शनिवार को एक आदेश पर हस्ताक्षर कर सकते हैं। इसके तहत मैक्सिको और कनाडा से आयातित वस्तुओं पर 25% और चीन से आयातित वस्तुओं पर 10% का शुल्क लगाया जा सकता है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप ने कनाडाई तेल के लिए कहा कि टैरिफ दर 10% होगी, जबकि कनाडा के दूसरे आयातों के लिए 25% टैरिफ दर होगी लेकिन उन्होंने संकेत दिया कि तेल और प्राकृतिक गैस पर व्यापक टैरिफ फरवरी के मध्य में आएंगे।

अमेरिकी जनगणना ब्यूरो के आंकड़ों के अनुसार, कच्चा तेल कनाडा से अमेरिका का शीर्ष आयात है, जो 2023 में लगभग 100 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया। राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि भविष्य में वे यूरोपीय संघ पर भी टैरिफ लगाने की योजना बना रहे हैं, क्योंकि इसका व्यवहार अमेरिका के साथ अच्छा नहीं रहा है।

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा कि कनाडा और मैक्सिको पर शुल्क अवैध फेंटेनाइल के कारण लगाए गए हैं, जिसे उन्होंने हमारे देश में लाने की अनुमति दी, जिसकी वजह से लाखों अमेरिकी मारे गए। लेविट ने शुक्रवार को व्हाइट हाउस में एक समाचार ब्रीफिंग में कहा: ‘ये वादे राष्ट्रपति द्वारा किए गए और पूरे किए गए हैं।‘

चुनाव अभियान के दौरान, ट्रंप ने चीनी उत्पादों पर 60% तक टैरिफ लगाने की धमकी दी थी। हालांकि राष्ट्रपति पद संभालने के बाद उन्होंने तत्काल कोई कार्रवाई नहीं की, इसके बजाय अपने प्रशासन को इस मुद्दे का अध्ययन करने का आदेश दिया। चीन, कनाडा और मेक्सिको अमेरिका के शीर्ष व्यापारिक साझेदार हैं, जिनका पिछले साल अमेरिका में आयातित वस्तुओं में 40% हिस्सा था। इस बात की आशंका बढ़ रही है कि नए भारी शुल्कों से एक बड़ा व्यापार युद्ध शुरू हो सकता है और साथ ही अमेरिका में कीमतें भी बढ़ सकती हैं।

कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने शुक्रवार को कहा: ‘यह वह नहीं है जो हम चाहते हैं, लेकिन अगर वह आगे बढ़ते हैं, तो हम भी कार्रवाई करेंगे।‘ कनाडा और मेक्सिको ने कह चुके हैं कि वे अपने उपायों के साथ अमेरिकी टैरिफ का जवाब देंगे। इस महीने की शुरुआत में एक शीर्ष चीनी अधिकारी ने संरक्षणवाद के खिलाफ चेतावनी दी थी क्योंकि ट्रंप के राष्ट्रपति पद पर वापस आने से दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच व्यापार युद्ध का खतरा फिर से बढ़ गया है। हालांकि उन्होंने अमेरिका का नाम नहीं लिया।

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