इंटरनेशनल डेस्क: नए साल 2026 के मौके पर बलोचिस्तान के प्रमुख नेता मीर यार बलोच ने भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर को एक खुला पत्र लिखा है। इस पत्र के जरिए उन्होंने भारत सरकार और देश की जनता को नए साल की शुभकामनाएं दीं और भारत के साथ मजबूत सहयोग की अपील की। मीर यार बलोच ने कहा कि वह रिपब्लिक ऑफ बलोचिस्तान के 6 करोड़ लोगों की ओर से भारत के 140 करोड़ नागरिकों, संसद, मीडिया और सिविल सोसाइटी को नववर्ष की बधाई देते हैं।
पत्र में उन्होंने बताया कि भारत और बलोचिस्तान के बीच सदियों पुराने ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, व्यापारिक और कूटनीतिक रिश्ते रहे हैं। उन्होंने हिंगलाज माता मंदिर (नानी मंदिर) को दोनों क्षेत्रों की साझा सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत का प्रतीक बताया।
मीर यार बलोच ने पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद के खिलाफ भारत सरकार की कार्रवाई की सराहना की। उन्होंने कहा कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों और सैन्य ढांचे पर कार्रवाई करना भारत का साहसिक और सही कदम था, जो पूरे क्षेत्र की सुरक्षा के लिए जरूरी है।
Open letter to Honorable Foreign Minister of #Bharat Shri @DrSJaishankar ji
From,
Baloch Representative,
Republic of Balochistan
State.
The Honorable Dr. S. Jaishankar,
Minister of External Affairs,
Government of Bharat,
South Block, Raisina Hill,
New Delhi – 110011January… https://t.co/WdjaACsG2V pic.twitter.com/IOEusbUsOB
— Mir Yar Baloch (@miryar_baloch) January 1, 2026
पत्र में कहा गया कि बलोचिस्तान पिछले 79 वर्षों से पाकिस्तान के कब्जे में है और वहां राज्य प्रायोजित आतंकवाद व मानवाधिकार उल्लंघन हो रहे हैं। मीर यार बलोच ने कहा कि अब समय आ गया है कि इस समस्या को (पाकिस्तान) जड़ से खत्म किया जाए ताकि बलोचिस्तान को शांति और आज़ादी मिल सके।
उन्होंने साफ कहा कि बलोच जनता भारत और भारत सरकार के साथ मजबूती से खड़ी है। शांति, विकास, व्यापार, रक्षा, सुरक्षा और ऊर्जा जैसे मुद्दों पर भारत के साथ भरोसेमंद साझेदारी की इच्छा जताई गई।
मीर यार बलोच ने कहा कि मौजूदा हालात में सिर्फ बयान देना काफी नहीं है। भारत और बलोचिस्तान जिन खतरों का सामना कर रहे हैं, वे गंभीर हैं, इसलिए व्यावहारिक और मजबूत सहयोग जरूरी है।
पत्र में पाकिस्तान और चीन की बढ़ती साझेदारी को खतरनाक बताया गया। उन्होंने कहा कि चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (CPEC) अंतिम चरण में है, जिससे क्षेत्र का संतुलन बिगड़ सकता है।
मीर यार बलोच ने चेताया कि अगर बलोच स्वतंत्रता सेनाओं को समर्थन नहीं मिला, तो आने वाले समय में बलोचिस्तान में चीनी सेना की तैनाती हो सकती है। उन्होंने कहा कि 6 करोड़ बलोच लोगों की इच्छा के बिना चीनी सैन्य मौजूदगी भारत और पूरे क्षेत्र के लिए बड़ा खतरा होगी।
पत्र के अंत में उन्होंने भारत के साथ और मजबूत, सक्रिय और रणनीतिक साझेदारी की उम्मीद जताई और कहा कि भारत–बलोचिस्तान सहयोग पूरे क्षेत्र की शांति और सुरक्षा के लिए अहम साबित हो सकता है।
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