इंटरनेशनल डेस्क: पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने अमेरिका पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने अपने रणनीतिक हितों के लिए पाकिस्तान का इस्तेमाल किया और जब उसका काम पूरा हो गया तो उसे ‘टॉयलेट पेपर के टुकड़े’ की तरह फेंक दिया। यह बयान उन्होंने पाकिस्तान की नेशनल असेंबली में संबोधन के दौरान दिया।
आतंकवाद पर कबूलनामा
ख्वाजा आसिफ ने अपने भाषण में यह भी स्वीकार किया कि पाकिस्तान अक्सर अपने ‘आतंकी इतिहास’ से इनकार करता रहा है और सारी जिम्मेदारी पुराने सैन्य शासकों पर डाल देता है। उन्होंने साफ कहा कि आज देश में जो आतंकवाद की समस्या है, वह अतीत में की गई गलत नीतियों का नतीजा है। उन्होंने माना कि अफगानिस्तान से जुड़े दो बड़े युद्धों में पाकिस्तान की भागीदारी एक बड़ी भूल थी। इन फैसलों की वजह से देश को लंबे समय तक हिंसा, कट्टरपंथ और आर्थिक संकट का सामना करना पड़ा।
9/11 के बाद अमेरिका से रिश्ते
रक्षा मंत्री ने खासतौर पर 1999 के बाद अमेरिका से दोबारा नजदीकी बढ़ाने के फैसले का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि 11 सितंबर 2001 को अमेरिका में हुए आतंकी हमलों के बाद पाकिस्तान ने वॉशिंगटन का साथ दिया और अफगानिस्तान में अमेरिकी नेतृत्व वाले अभियान में सहयोग किया। इस सहयोग की कीमत पाकिस्तान को बहुत भारी पड़ी, जब अमेरिका ने आखिरकार अफगानिस्तान से अपने सैनिक हटा लिए, तब पाकिस्तान को आतंकवाद, अस्थिरता और आर्थिक परेशानियों के साथ अकेले जूझना पड़ा।
‘जिहाद’ के नाम पर गुमराह किया
ख्वाजा आसिफ ने यह भी माना कि अतीत में पाकिस्तान के लोगों को ‘जिहाद’ के नाम पर अफगानिस्तान भेजा गया। उन्होंने इसे गुमराह करने वाला और देश के लिए नुकसानदेह कदम बताया। यह सब धार्मिक मजबूरी में नहीं बल्कि एक महाशक्ति को खुश करने के लिए किया गया। उन्होंने दो पूर्व सैन्य शासकों जनरल जिया-उल-हक और जनरल परवेज मुशर्रफ का जिक्र करते हुए कहा कि अफगान युद्ध में उनकी भागीदारी इस्लाम के लिए नहीं, बल्कि अमेरिका को संतुष्ट करने के लिए थी।
इतिहास से सीख लेने की जरूरत
अपने भाषण में आसिफ ने कहा कि पाकिस्तान अपने इतिहास की गलतियों को स्वीकार नहीं करता। उन्होंने जोर देकर कहा कि आतंकवाद की मौजूदा समस्या पुराने फैसलों का परिणाम है और देश को इससे भारी नुकसान उठाना पड़ा है, जो क्षति हो चुकी है, उसकी पूरी भरपाई संभव नहीं है। साथ ही यह भी कहा कि अब समय आ गया है कि पाकिस्तान अपनी गलतियों को स्वीकार करे और भविष्य के लिए सही दिशा तय करे।

