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पाकिस्तानी सेना ने पंजाब प्रांतीय चुनाव के लिए सुरक्षा मुहैया कराने से किया इनकार

March 15, 2023

पाकिस्तानी सेना ने पंजाब प्रांतीय चुनाव के लिए सुरक्षा मुहैया कराने से किया इनकार

इस्लामाबादः पाकिस्तान के चुनाव आयोग (ईसीपी) को देश की सेना ने अधिसूचित किया है कि पंजाब प्रांत में आगामी विधानसभा चुनाव के दौरान सुरक्षा प्रदान करने के लिए सैनिक उपलब्ध नहीं होंगे। यह ईसीपी द्वारा 30 अप्रैल को पंजाब विधानसभा के चुनाव कराने की योजना बनाने के लिए पंजाब के शीर्ष अधिकारियों, रक्षा मंत्रालय के संघीय सरकार के अधिकारियों के साथ बैक-टू-बैक बैठक आयोजित करने के बाद आया है।

हालांकि, सेना की प्रतिक्रिया ने देश के सबसे बड़े प्रांत के चुनावों पर गंभीर सवाल और चिंताएं पैदा कर दी हैं। ईसीपी चुनाव प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा प्रदान करने के लिए सुरक्षा बलों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों तक पहुंच रहा है। सूत्रों के अनुसार, सशस्त्र बलों ने कहा कि देश में बढ़ते आतंकी हमलों और खतरों के साथ मौजूदा सुरक्षा स्थिति, कानून और व्यवस्था की स्थिति के लिए गंभीर खतरा, उनकी पहली और सर्वोच्च प्राथमिकता बनी हुई है।

ईसीपी के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘रक्षा सचिव लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) हामूदुज जमान खान ने चुनाव आयुक्त को कानून और व्यवस्था की स्थिति, सीमा की स्थिति और देश के अंदर सैनिकों की तैनाती के बारे में जानकारी दी है।’’ ‘‘रक्षा सचिव ने कहा कि सीमाओं की सुरक्षा सेना की प्राथमिक जिम्मेदारी है।’’

सूत्रों ने यह भी खुलासा किया कि सशस्त्र बलों ने कहा है कि बढ़ते आतंकी खतरे, सीमा सुरक्षा की स्थिति और देश की मौजूदा आर्थिक स्थिति का प्रभाव सेना पर भी पड़ा है, यही वजह है कि इस बार चुनाव ड्यूटी के लिए सैनिक उपलब्ध नहीं होंगे। चुनाव ड्यूटी को सेकेंडरी टास्क बताते हुए जमान खान ने इस बात पर प्रकाश डाला कि यह सरकार का निर्णय होगा कि या तो सशस्त्र बलों को सीमा सुरक्षा और आतंकी खतरे का मुकाबला करने के उनके बुनियादी कर्तव्यों पर सीमित किया जाए, या चुनाव सुरक्षा के लिए भी आवंटित किया जाए।

पंजाब की कार्यवाहक सरकार द्वारा चुनावों के लिए सुरक्षा प्रदान करने से मना करने के बाद सेना ने अपने सैनिकों को उपलब्ध कराने से इनकार कर दिया। आईजी (इंस्पेक्टर जनरल) पुलिस पंजाब ने कहा, ‘‘आतंकवादी समूहों द्वारा हमलों के मौजूदा खतरों के मद्देनजर सुरक्षा बल हाई अलर्ट पर हैं। हमारे सैनिक चल रहे जनगणना गणकों को भी सुरक्षा प्रदान कर रहे हैं। और रमजान का पवित्र महीना आने के साथ, मस्जिदों, बाजारों और आतंकी हमलों के अन्य संभावित ठिकानों पर भी विशेष तैनाती की जाएगी। इन परिस्थितियों को देखते हुए, सभी राजनीतिक आयोजनों के लिए सुरक्षा प्रदान करना बहुत कठिन होगा।’’ जमान खान ने कहा, ‘‘उद्देश्य सिर्फ चुनाव नहीं बल्कि पारदर्शी मतदान है। इन परिस्थितियों में चुनाव कराना संभव नहीं है, खासकर तब जब प्रांतीय और राष्ट्रीय विधानसभाओं के मतदान अलग-अलग होने हैं।’’

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