Last Updated: October 12, 2026

Dainik Savera Times Logo

’89 अफगान चौकियां तबाह, 18 पर कब्जा’, पाकिस्तान का दावा- 297 तालिबान लड़ाके मार गिराए

February 28, 2026

’89 अफगान चौकियां तबाह, 18 पर कब्जा’, पाकिस्तान का दावा- 297 तालिबान लड़ाके मार गिराए

इस्लामाबाद: अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं। दोनों तरफ से हमले और जवाबी कार्रवाई जारी है। इसी बीच पाकिस्तान सरकार ने बड़ा दावा करते हुए कहा है कि उसके सैन्य अभियान में अफगान तालिबान और उनसे जुड़े लड़ाकों को भारी नुकसान हुआ है।

यह भी पढ़ें- ‘जरूरत पड़ी तो दखल दूंगा, लेकिन…’, पाकिस्तान-अफगानिस्तान तनाव पर ट्रंप का बयान

पाकिस्तान का बड़ा दावा

पाकिस्तान के सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तरार ने देर रात जानकारी देते हुए कहा कि सुरक्षा बलों ने अब तक 297 तालिबान लड़ाकों को मार गिरायाहै, जबकि 450 से ज्यादा अफगान जवान घायल हुए हैं। मंत्री के मुताबिक, पाकिस्तान ने अपने जवाबी अभियान के दौरान, 89 अफगान चौकियों को नष्ट कर दिया, 18 चौकियों पर कब्जा कर लिया और करीब 135 टैंक और बख्तरबंद वाहन तबाह कर दिए। पाकिस्तान वायुसेना ने अफगानिस्तान में 29 अलग-अलग ठिकानों को निशाना बनाया।

क्या है ‘ऑपरेशन गजब-लिल-हक’?

पाकिस्तान ने बताया कि अफगानिस्तान की ओर से सीमा पर एक साथ 53 जगहों पर हमले किए गए थे। इसके जवाब में पाकिस्तान ने ‘ऑपरेशन गजब-लिल-हक’ नाम से सैन्य कार्रवाई शुरू की। पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि अफगान तालिबान को यह तय करना होगा कि वह पाकिस्तान के साथ खड़ा है या आतंकवादी संगठनों के साथ। उन्होंने कहा कि अफगान तालिबान को Tehrik-i-Taliban Pakistan, Baloch Liberation Army, Islamic State (दाएश) और Al-Qaeda जैसे संगठनों और पाकिस्तान के बीच स्पष्ट चुनाव करना होगा।

तालिबान पर पुराने आरोप

पाकिस्तान लंबे समय से आरोप लगाता रहा है कि अफगान तालिबान उसके खिलाफ सक्रिय आतंकवादी संगठनों को पनाह दे रहा है। पाकिस्तान का कहना है कि उसकी जमीन का इस्तेमाल प्रशिक्षण, हथियारों की आपूर्ति और हमलों की योजना बनाने के लिए किया जाता है। दूसरी ओर, अफगानिस्तान की ओर से इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।

बढ़ता खतरा

सीमा पर लगातार हमलों और जवाबी कार्रवाई से दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया है। यदि हालात जल्द नहीं संभले, तो यह टकराव बड़े सैन्य संघर्ष का रूप ले सकता है। पूरे क्षेत्र की सुरक्षा पर इसका असर पड़ सकता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर इस घटनाक्रम पर बनी हुई है।

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें