इंस्ताबुल: रूस और यूक्रेन के बीच सोमवार को तुर्किए में हुई दूसरे दौर की शांति वार्ता में कुछ बड़े फैसले लिए गए लेकिन अभी भी दोनों देश युद्ध विराम के मुद्दे पर सहमत नहीं हो पाए। इस बैठक में सबसे बड़ा फैसला 6,000 सैनिकों के शवों की अदला-बदली का हुआ, जिस पर दोनों देशों ने अपनी सहमति जताई। बैठक के बाद यूक्रेनी पक्ष ने कहा कि हमारी तरफ से बिना शर्त युद्धविराम का आह्वान किया गया था लेकिन मॉस्को ने उसे खारिज कर दिया है। इसके बजाय उन्होंने सीमा रेखा के कुछ क्षेत्रों में 2 से 3 दिनों के आंशिक युद्धविराम की पेशकश की है।
रूस और यूक्रेन के बीच यह सीधी शांति वार्ता करीब 1 घंटे तक चली। बैठक में यूक्रेनी पक्ष का नेतृत्व करने वाले रक्षा मंत्री रूस्तम उमेरोव ने कहा कि दोनों पक्षों की तरफ से इस बात पर सहमति जताई गई कि वे सभी गंभीर रूप से घायल सैनिकों के साथ 25 साल से कम आयु के सैनिकों की अदला-बदली पर सहमत हैं। उन्होंने कहा कि हम गंभीर रूप से घायल और बीमार युद्धबंदियों की अदला-बदली करने के लिए सहमत हुए हैं। इसके अलावा दूसरे श्रेणी में 18 से 25 साल के युवा सैनिक हैं, जिनकी अदला-बदली की जाएगी।
इस मामले पर रूसी पक्ष के प्रतिनिधि मेडेंस्की ने कहा कि सैनिकों की इस अदला-बदली में कम से कम हजार लोग शामिल होंगे जो कि पिछले महीने हुई अदला-बदली से कहीं ज्यादा हैं। तुर्किए के विदेश मंत्री हकन फिदान ने शांति वार्ता की अध्यक्षता की। बैठक में तुर्किए की खुफिया एजैंसी के अधिकारी भी मौजूद रहे। इसी बीच लिथुआनिया में बी9 की बैठक में हिस्सा लेने पहुंचे जेलेंस्की ने कहा कि दोनों पक्षों ने तुर्किए के माध्यम से दस्तावेजों का आदान-प्रदान किया है। हम युद्धबंदियों की नए आदान-प्रदान पर काम कर रहे हैं।
यूक्रेन के उप विदेश मंत्री सर्जी किस्लित्स्या ने कहा कि रूसी पक्ष लगातार बिना शर्त युद्धविराम के प्रस्ताव को अस्वीकार कर रहा है। वहीं इस मामले को लेकर रूसी पक्ष ने कहा कि हम कुछ क्षेत्रों में सीमित युद्धविराम पर सहमत हुए थे लेकिन यूक्रेन ने इस पर कुछ नहीं कहा।
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