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पेड्रो सांचेज़ की चौथी चीन यात्रा, “रणनीतिक संकल्प” से चीन-स्पेन सहयोग को नई दिशा

Pedro Sánchez’s Fourth Visit to China

Pedro Sánchez’s Fourth Visit to China

इंटरनेशनल डेस्क: 11 से 15 अप्रैल तक, स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़ ने चार वर्षों में चौथी बार चीन का दौरा किया। लगातार हो रही इन यात्राओं के पीछे “रणनीतिक संकल्प” एक केंद्रीय विचार के रूप में उभरा है। इस यात्रा के दौरान उन्होंने श्याओमी के इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों का अनुभव किया, इलेक्ट्रिक वाहनों का परीक्षण किया और छिंगहुआ विश्वविद्यालय में चीन-यूरोप सहयोग पर जोर देते हुए भाषण दिया।

साथ ही, व्यापार, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, कृषि और खाद्य क्षेत्रों में कई अहम समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। स्पेनिश मीडिया के अनुसार, इस यात्रा ने दोनों देशों के बीच “रचनात्मक संवाद और व्यावहारिक सहयोग” को और मजबूत किया है।
चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग और स्पेनिश प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़ की मुलाकात में भी “रणनीतिक संकल्प” पर विशेष जोर दिया गया। पिछले दो दशकों में यही दृष्टिकोण चीन और स्पेन की व्यापक रणनीतिक साझेदारी की स्थिर प्रगति का आधार रहा है। वैश्विक राजनीतिक तनाव और धीमी आर्थिक रिकवरी के बावजूद, दोनों देशों ने साझा हितों के आधार पर संतुलित और व्यावहारिक फैसले लिए हैं।

चीन, यूरोपीय संघ के बाहर स्पेन का लंबे समय से सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार रहा है। अनुमान है कि 2025 तक द्विपक्षीय व्यापार 55 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक पहुंच जाएगा, जो पिछले वर्ष की तुलना में 9.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। स्पेन में निवेश कर रही चीनी नई ऊर्जा कंपनियां स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति दे रही हैं, वहीं स्पेन का जैतून का तेल और वाइन जैसे उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद अब बड़ी संख्या में चीनी उपभोक्ताओं तक पहुंच रहे हैं।

इस वर्ष चीन की 15वीं पंचवर्षीय योजना की शुरुआत के साथ सहयोग के नए अवसर खुल रहे हैं। दोनों देशों ने नई ऊर्जा और स्मार्ट अर्थव्यवस्था जैसे क्षेत्रों में साझेदारी को आगे बढ़ाने की रूपरेखा तैयार की है। 2025-2028 की कार्य योजना विशेष रूप से विज्ञान, प्रौद्योगिकी और हरित विकास पर केंद्रित है। अपनी यात्रा के दौरान सांचेज़ ने स्पेन के औद्योगिक उन्नयन के लिए निवेश आकर्षित करने के उद्देश्य से कई प्रमुख चीनी कंपनियों से मुलाकात भी की।

अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी चीन और स्पेन कई मुद्दों पर समान दृष्टिकोण रखते हैं। दोनों देश एकतरफ़ा कदमों का विरोध करते हैं और बहुपक्षवाद का समर्थन करते हैं। चीन जहां संयुक्त राष्ट्र केंद्रित वैश्विक व्यवस्था पर जोर देता है, वहीं स्पेन भी वैश्विक सहयोग, जलवायु परिवर्तन और व्यापार संरक्षणवाद जैसी चुनौतियों से मिलकर निपटने की वकालत करता है। यूरोपीय संघ के एक महत्वपूर्ण सदस्य के रूप में, स्पेन चीन और यूरोप के बीच संवाद को मजबूत करने में सेतु की भूमिका निभा रहा है।
एक अनिश्चित वैश्विक माहौल में, चीन और स्पेन का यह रणनीतिक संकल्प सिर्फ द्विपक्षीय रिश्तों को ही नहीं, बल्कि व्यापक अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को भी नई स्थिरता और दिशा देने की क्षमता रखता है।

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