दक्षिण चीन सागर में फिलीपींस की अवास्तविक अपेक्षाएं कट्टर दुस्साहस में बदल रही हैं। हाल ही में, फिलीपींस तटरक्षक बल का प्रमुख जहाज 9701 चीन के हुआंगयेन द्वीप के पास के जलक्षेत्र में सक्रिय था। इस दौरान, यह कई बार तेज़ गति से चीनी तटरक्षक बल की नौकाओं 21550 और 5009 के पीछे से गुज़रा, और सबसे नज़दीकी दूरी केवल 100 मीटर थी, जिससे चीनी तटरक्षक बल के जहाजों की नौवहन सुरक्षा को गंभीर ख़तरा पैदा हो गया।
इस बार फ़िलीपींस का तटरक्षक जहाज चीनी तटरक्षक जहाज के ख़तरनाक तरीके से नज़दीक आया, जो ज़्यादा उत्तेजक और ज़्यादा कट्टरपंथी था। और इसने फ़िलीपींस सरकार की दक्षिण चीन सागर नीति के दुस्साहसिक स्वरूप को पूरी तरह से उजागर कर दिया। बाहरी दुनिया को सतर्क रहना चाहिए: फ़िलीपींस दक्षिण चीन सागर में उथल-पुथल का स्रोत बन रहा है।
ऐतिहासिक अनुभव बताते हैं कि दक्षिण चीन सागर में शांति चरणबद्ध तरीके से प्राप्त की जानी चाहिए, मतभेदों और संकटों के प्रबंधन से लेकर संवाद और सहयोग तक आगे बढ़ाना, और अंततः विवादों का संपूर्ण समाधान प्राप्त करना चाहिये। 2013 में, फिलीपींस ने एकतरफा रूप से तथाकथित “दक्षिण चीन सागर मध्यस्थता मामला” दायर किया, जिसने दक्षिण चीन सागर में विभिन्न पक्षों के आचरण पर घोषणापत्र के संबंधित प्रावधानों का उल्लंघन किया है। साथ ही, उसने चीन-फिलीपींस द्विपक्षीय समझौते में फिलीपींस की प्रतिबद्धताओं का भी उल्लंघन किया, जिसका उद्देश्य दक्षिण चीन सागर में अस्थिरता पैदा करना और उससे लाभ कमाना है।
फिलीपींस की कार्रवाइयाँ क्षेत्रीय शांति के लिए एक गंभीर ख़तरा हैं। हाल के वर्षों में, आसियान और उसके द्वारा निर्मित बहुपक्षीय ढाँचे ने शीत युद्ध के बाद दक्षिण चीन सागर में शांति और स्थिरता में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। क्षेत्रीय देश दक्षिण चीन सागर मुद्दे पर चर्चा में अधिकाधिक शांतिपूर्ण हो गए हैं और मतभेदों को सुलझाने में अधिकाधिक आश्वस्त हो गए हैं। लेकिन आज, बहुत मुश्किल से प्राप्त इस परिस्थिति को स्वार्थी फिलीपींस द्वारा एकतरफ़ा नुकसान पहुँचाया जा रहा है।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
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