इंटरनेशनल डेस्क: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सोमवार को कुस्र्क क्षेत्र में यूक्रेनी सेना के खिलाफ लड़ने के लिए उत्तर कोरियाई सैनिकों का आभार व्यक्त किया। यह बयान तब आया जब उत्तर कोरिया ने पहली बार यह पुष्टि की कि उसने रूस के पक्ष में यूक्रेन युद्ध में सैनिक भेजे हैं।
रूसी राष्ट्रपति कार्यालय ‘क्रेमलिन’ द्वारा जारी किए गए बयान में पुतिन ने उत्तर कोरियाई सैनिकों की वीरता और उनके समर्पण की सराहना की। उन्होंने कहा, “उत्तर कोरियाई सैनिकों ने रूसी लड़ाकों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर मातृभूमि की रक्षा की, और यह उनके उच्च स्तर के विशेष प्रशिक्षण और समर्पण का परिणाम है।”
हाल ही में रूस ने कुस्र्क क्षेत्र में अपनी सैन्य स्थिति को मजबूत करने का दावा किया, जबकि यूक्रेन ने इस दावे का खंडन किया। अगस्त 2024 में, यूक्रेनी बलों ने कुस्र्क के कुछ हिस्सों पर नियंत्रण हासिल किया था, लेकिन रूस ने शनिवार को यह घोषणा की कि उसने क्षेत्र को पूरी तरह से फिर से अपने कब्जे में ले लिया है।
अमेरिकी, दक्षिण कोरियाई और यूक्रेनी खुफिया एजेंसियों के अनुसार, उत्तर कोरिया ने पिछले साल रूस में करीब 10-12 हजार सैनिक भेजे थे। हालांकि, उत्तर कोरिया ने इस तैनाती को पहले तक न तो पुष्टि की थी और न ही खंडन किया था। अब उत्तर कोरिया के सरकारी मीडिया ने इसका खुलासा करते हुए बताया कि किम जोंग उन के नेतृत्व में रूस में सैनिक भेजने का निर्णय लिया गया है।
यह कदम दोनों देशों के बीच शीत युद्ध के बाद किए गए सबसे बड़े रक्षा समझौते के तहत लिया गया है, जिसमें परस्पर सैन्य सहायता का प्रावधान है। उत्तर कोरिया ने अपने सैनिकों को रूस के खिलाफ यूक्रेनी “नव-नाजी” ताकतों से लड़ने और कुस्र्क क्षेत्र को “आजाद” कराने के लिए भेजने का निर्णय लिया है। किम जोंग उन ने इस तैनाती को न्याय की लड़ाई के रूप में देखा और इसे “मातृभूमि के सम्मान के प्रतिनिधि” के रूप में प्रस्तुत किया। यह घटनाक्रम यूक्रेन युद्ध में वैश्विक शक्ति संतुलन और नए सैन्य गठबंधनों को रेखांकित करता है, जो इस संघर्ष के लिए महत्वपूर्ण परिणाम ला सकता है।

