Last Updated: November 6, 2026

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भारत ने नेपाल को भेजी 11 टन राहत सामग्री, दवाओं से लेकर फोरेंसिक उपकरण तक शामिल

September 19, 2026

भारत ने नेपाल को भेजी 11 टन राहत सामग्री, दवाओं से लेकर फोरेंसिक उपकरण तक शामिल

Relief material to Nepal: भारत ने पड़ोसी देश नेपाल को विनाशकारी बाढ़ के बाद की विषम परिस्थितियों से निपटने के लिए मदद की एक और बड़ी खेप भेजी है। इस राहत सामग्री में दवाओं के साथ ही फोरेंसिक का सामान शामिल है। भारतीय वायुसेना का विमान ये सभी राहत सामग्री लेकर रवाना किया गया।

विदेश मंत्रालय (एमईए) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर विदेश मंत्री एस जयशंकर के पोस्ट को शेयर करते हुए इसकी जानकारी दी। पोस्ट में लिखा, “भारत ने नेपाल को राहत सामग्री की 11 टन और खेप भेजी। नेपाल की रिकवरी में मदद के लिए राहत सामग्री ले जाने वाला यह भारतीय वायुसेना का नौवां विमान था।

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इससे पहले जयशंकर ने भेजी गई सामग्री में शामिल सामग्रियों का जिक्र किया, “नेपाल को राहत सामग्री की एक और खेप (11 टन) भेजी गई, जिसमें दवाएं, फोरेंसिक का सामान, टेंट, हाइजीन किट, स्लीपिंग बैग और अन्य जरूरी चीजें शामिल हैं। भारत नेपाल को पुनर्निर्माण में मदद करना जारी रखे हुए है।”

भारत अब तक नेपाल को 140 टन से ज्यादा की मानवीय सहायता और आपदा राहत (एचएडीआर) सामग्री भेज चुका है। विदेश मंत्रालय लगातार इसे लेकर अपडेट देता रहा है। बयान और प्रेस वार्ता के जरिए मंत्रालय स्पष्ट करता आया है कि राहत सामग्री के साथ विशेषज्ञ भी भारत ने नेपाल भेजे हैं। नई दिल्ली ने सुरंग और कीचड़ से बचाव के लिए खास उपकरण, डीएनए किट और फोरेंसिक उपकरण भी आपदा के बाद तुरंत उपलब्ध कराए थे। इसके अलावा अस्थायी आश्रय, कंबल, हाइजीन किटन, सोलर लैंप और दवाएं जैसी जरूरी चीजें भी समय-समय पर भेजती रहती हैं।

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भारतीय वायुसेना ने राहत सामग्री पहुंचाने के लिए अब तक नौ विशेष उड़ानें संचालित की हैं। भारत ने कहा है कि वह बाढ़ के बाद नेपाल के बचाव, राहत और पुनर्निर्माण के प्रयासों में मदद करने के लिए प्रतिबद्ध है।

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