
इंटरनेशनल डेस्क: चीनी राज्य परिषद के थाईवान कार्यालय के प्रवक्ता छन पिनहुआ ने 7 नवंबर को संवाददता के सवाल का जबाव दिया। इस मौके पर प्रवक्ता ने कहा कि 7 नवंबर 2015 को थाईवान जलडमरुमध्य के दोनों तटों के नेताओं ने ऐतिहासिक मुलाकात की। यह शी चिनफिंग से केंद्रित चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की केंद्रीय समिति का दोनों तटों के बीच संबंधों का शांतिपूर्ण विकास और राष्ट्रीय पुनरेकीकरण बढ़ाने के लिए अहम कदम है।
यह पहली बार था कि थाईवान जलडमरुमध्य के नेताओं ने प्रत्यक्ष बातचीत और संपर्क किया। इससे दोनों तटों के बीच राजनीतिक आदान-प्रदान एक नए स्तर तक पहुंचा, जो दोनों तटों के बीच संबंधों के विकास की प्रक्रिया में मील का पत्थर था। प्रवक्ता ने कहा कि दोनों तटों के नेताओं के बीच ऐतिहासिक मुलाकात और उसके बाद दोनों तटों के बीच संबंधों के विकास की प्रक्रिया पूरी तरह से साबित करती है कि अगर वर्ष 1992 की आम सहमति पर कायम रहते हुए थाईवान की स्वाधीनता का विरोध करे, तो दोनों तटों के देशबंधु बैठकर बातचीत कर सकते हैं।
इससे आपसी समझ व आपसी विश्वास बढ़ सकेगा और विवादों का समाधान कर सहमति बनाई जा सकेगी। इससे दोनों तटों के बीच संबंधों का शांतिपूर्ण विकास होगा और थाईवान जलडमरूमध्य की शांति व स्थिरता साकार होगी। प्रवक्ता ने कहा कि पुनरेकीकरण ऐतिहासिक रुझान और सही रास्ता है। थाईवान की स्वाधीनता ऐतिहासिक प्रतिधारा और गतिरोध है।
हम वर्ष 1992 की आम सहमति पर कायम रहने और थाईवान की स्वाधीनता का विरोध करने के राजनीतिक आधार पर चीनी कोमिंगतांग पार्टी समेत थाईवान की विभिन्न पार्टियों, समूहों और प्रतिनिधियों के साथ बातचीत और आदान-प्रदान करना चाहते हैं, ताकि दोनों तटों के बीच संबंधों को बढ़ावा दिया जा सके। आशा है कि थाईवान के व्यापक बंधु एकजुट होकर दोनों तटों के बीच संबंधों का शांतिपूर्ण विकास बढ़ाएंगे और राष्ट्रीय पुनरुत्थान व पुनरेकीकरण का सुंदर भविष्य का निर्माण करेंगे।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
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