
वर्तमान में चीनी मुद्रा रनमिनपी (आरएमबी) दुनिया की चौथी सबसे बड़ी भुगतान मुद्रा और तीसरी सबसे बड़ी व्यापार वित्तपोषण मुद्रा है। हाल ही में कई विदेशी मीडिया संस्थानों ने अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के बीच आरएमबी वित्तपोषण की मांग में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह वृद्धि मुख्य रूप से बाजार में आरएमबी-आधारित वित्तपोषण की मूलभूत और वास्तविक मांग से प्रेरित है।
रॉयटर्स की एक ताज़ा रिपोर्ट में बताया गया है कि निवेशक बड़ी मात्रा में आरएमबी क्रेडिट परिसंपत्तियाँ खरीद रहे हैं, जो इस प्रवृत्ति का स्पष्ट संकेत है कि आरएमबी अब एक वैश्विक वित्तपोषण मुद्रा के रूप में उभर रही है। बैंकरों का मानना है कि आरएमबी को रखने और उपभोग करने की बढ़ती प्रवृत्ति, इसके अंतरराष्ट्रीयकरण में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो रही है।
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, रेटिंग एजेंसियों का मानना है कि अस्थिर अमेरिकी डॉलर और यूरो की तुलना में आरएमबी अपेक्षाकृत अधिक स्थिरता प्रदान करता है, जिससे निवेशकों का भरोसा और आकर्षण लगातार बढ़ रहा है।
वहीं, ब्लूमबर्ग की हालिया रिपोर्ट में आरएमबी बॉन्ड जारी करने में आई तेजी पर प्रकाश डाला गया है। रिपोर्ट में जारी आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष अब तक जारी किए गए कुल आरएमबी बॉन्ड की राशि लगभग 870 अरब युआन तक पहुँच गई है, जो वर्ष 2024 के कुल जारी रिकॉर्ड को पार कर चुकी है। यह आरएमबी बॉन्ड बाज़ार में लगातार आठवें वर्ष की वृद्धि को दर्शाता है।
इसके अलावा, सिंगापुर के “लियान्हे ज़ाओबाओ” की रिपोर्ट में उद्धृत विशेषज्ञों ने बताया कि अल्प और मध्यम अवधि में आरएमबी की लाभप्रदता में किसी बड़े उतार-चढ़ाव की संभावना नहीं है। विशेषज्ञों का विश्लेषण है कि चीन की केंद्रीय बैंक यानी चीनी जन बैंक की मौद्रिक नीति “मध्यम रूप से ढीली” और “हल्की तीव्रता” वाली है, जो आगामी समय में भी स्थिर व सतर्क गति बनाए रखने की उम्मीद है।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
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