कराची: पाकिस्तान के सिंध प्रांत के काशमोर जिले में एक दिल दहला देने वाला हादसा हो गया। बता दें कि खेत में पड़े रॉकेट को खिलौना समझकर खेल रहे तीन मासूम बच्चों की विस्फोट में मौके पर ही मौत हो गई। मरने वाले बच्चों की उम्र 8 से 12 वर्ष बताई जा रही है।
खेलते-खेलते हुआ घातक धमाका
घटना कंधकोट कस्बे के नजदीक घटित हुई। पुलिस उपाधीक्षक सैयद असगर अली शाह ने बताया कि ग्रामीणों के अनुसार बच्चे समान जनजाति से थे और रोज़ की तरह खेतों की ओर खेलने गए थे। वहीं उन्हें रॉकेट का कोई पुराना शेल मिला, जिसे उन्होंने खिलौना समझकर उठा लिया। थोड़ी देर बाद उसमें अचानक विस्फोट हो गया। उन्होंने बताया कि बम निरोधक दस्ते ने रॉकेट के अवशेषों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह किस प्रकार का हथियार था और क्षेत्र में कैसे पहुंचा।
पहले भी हो चुके ऐसे हादसे
पाकिस्तान के विभिन्न इलाकों में ऐसी घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं। कुछ ही सप्ताह पहले खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के बन्नू ज़िले में भी बच्चे एक मोर्टार शेल को खिलौना समझकर घर ले जा रहे थे, तभी उसमें विस्फोट हो गया। उस हादसे में दो सगे भाइयों समेत तीन बच्चों की जान चली गई थी।
पुराने युद्ध का बोझ, बच्चों पर खतरा
उत्तर-पश्चिमी पाकिस्तान में इस तरह की दुर्घटनाओं की जड़ें 1980 के दशक तक जाती हैं, जब अफगानिस्तान में सोवियत आक्रमण के दौरान बड़े पैमाने पर मोर्टार और अन्य विस्फोटक छोड़े गए थे। इनका आकार अक्सर खिलौनों जैसा दिखता है, जिसके कारण ग्रामीण इलाकों के बच्चे अनजाने में उन्हें उठा लेते हैं और अपनी जान गंवा बैठते हैं।
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स्थानीय लोगों में दहशत
नवीनतम हादसे के बाद काशमोर क्षेत्र में दहशत फैल गई है। ग्रामीणों का कहना है कि खेतों में पड़े ऐसे खतरनाक अवशेषों की पहचान कर उन्हें जल्द निष्क्रिय किया जाए, ताकि भविष्य में किसी और परिवार को अपने मासूमों की जान न गंवानी पड़े।
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