मॉस्को: रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव शुक्रवार को उत्तर कोरिया की राजधानी प्योंगयांग के लिए दो दिवसीय यात्रा पर रवाना होंगे। यह यात्रा रूस और उत्तर कोरिया के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है। लावरोव इस यात्रा के दौरान उत्तर कोरिया के अधिकारियों से दूसरे दौर की रणनीतिक वार्ता में भाग लेंगे।
लावरोव, जो हाल ही में मलेशिया की यात्रा कर चुके थे, वहां अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से मुलाकात कर चुके हैं। अब वे उत्तर कोरिया के साथ रूस के बढ़ते संबंधों की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाने के लिए प्योंगयांग जा रहे हैं। पिछली बार अक्टूबर 2023 में लावरोव ने उत्तर कोरिया का दौरा किया था, और इस बार की यात्रा को द्विपक्षीय संबंधों को एक नई दिशा देने के रूप में देखा जा रहा है।
-सुरक्षा और सहयोग की नई ऊँचाइयाँ
रूसी सुरक्षा परिषद के सचिव सर्गेई शोइगु ने जून 2024 में उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन के साथ बैठक के दौरान कहा था कि रूस और उत्तर कोरिया के बीच साझेदारी सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यावहारिक कार्रवाई के माध्यम से भी मजबूत हो रही है।
उन्होंने यह भी बताया कि रूस और उत्तर कोरिया के बीच द्विपक्षीय व्यापार, खासन-राजिन रसद परियोजना, शिक्षा, कृषि, पर्यटन और खेल जैसे क्षेत्रों में सकारात्मक विकास हो रहा है। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने जून 2024 में प्योंगयांग यात्रा के दौरान इन क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया था और इस यात्रा को महत्वपूर्ण बताया था।
-द्विपक्षीय संबंधों का विस्तार
रूस और उत्तर कोरिया के संबंध हाल के वर्षों में और भी मजबूत हुए हैं। किम जोंग उन और पुतिन के बीच कई अहम बैठकें हुई हैं, जिनमें दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को बढ़ाने, ऊर्जा, रक्षा और अन्य क्षेत्रों में सहयोग के नए रास्ते खोलने पर चर्चा की गई।
लावरोव की आगामी यात्रा का मुख्य उद्देश्य इन रिश्तों को और गहरा करना है, और साथ ही यह सुनिश्चित करना है कि दोनों देशों के बीच साझेदारी वास्तविक कार्यों के माध्यम से फल-फूल सके। यह यात्रा दोनों देशों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर प्रस्तुत करती है, खासकर जब अंतरराष्ट्रीय राजनीति में रूस के लिए चुनौतीपूर्ण परिस्थितियाँ बनी हुई हैं।
मेष: दिन शुभ रहेगा...