दुबई: यमन में चल रहे संघर्षों के बीच एक नया मोर्चा खुल चुका है। दक्षिणी यमन के अलगाववादी गुट ने सऊदी अरब पर अपनी सेना पर एयरस्ट्राइक करने का आरोप लगाया है। ये घटना शुक्रवार को सामने आई, जब अलगाववादियों ने कहा कि सऊदी अरब के विमानों ने उनके क्षेत्रों पर हमला किया। हालांकि, इस मामले में सऊदी अरब ने अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।
सऊदी अरब की चेतावनी के बाद बढ़ा तनाव
यह हमला उस वक्त हुआ है जब सऊदी अरब ने एक दिन पहले ही दक्षिणी यमन के अलगाववादियों को चेतावनी दी थी कि वे उन इलाकों से पीछे हटें, जो अभी उनके नियंत्रण में हैं। ये इलाक़े दक्षिणी यमन के हदरमौत और अल-महरा गवर्नरेट्स में स्थित हैं, जिन पर दिसंबर 2025 में एसटीसी (Southern Transitional Council) ने कब्जा किया था। सऊदी अरब ने इसे ‘अनावश्यक उकसावा’ करार देते हुए तुरंत वापसी की मांग की थी।
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DUBAI, United Arab Emirates (AP) — Yemen separatists accuse Saudi Arabia of launching airstrikes against their forces; kingdom does not acknowledge attack. pic.twitter.com/ZuVRtd5mMa
— Open Source Intel (@Osint613) December 26, 2025
वीडियो में आरोप
एसटीसी द्वारा प्रसारित एक वीडियो में, एक व्यक्ति को यह कहते हुए सुना गया कि हमले के लिए सऊदी विमानों को जिम्मेदार ठहराया गया है। इस वीडियो में हमलों से जुड़ी कुछ कथित तस्वीरें भी दिखाई गईं, जिनसे हमले की गंभीरता को दर्शाया गया। फिलहाल हमले में किसी के घायल होने की कोई पुष्टि नहीं हुई है।
अलगाववादी गुट की प्रतिक्रिया
इस घटना के बाद, अलगाववादी गुट ने सऊदी अरब के खिलाफ तीव्र प्रतिक्रिया व्यक्त की। उनका कहना है कि सऊदी अरब ने एक नाजुक स्थिति का फायदा उठाते हुए इस हमले को अंजाम दिया, जो इलाके में अलगाववादियों और सऊदी अरब के बीच बढ़ते तनाव को और भड़का सकता है।
नाजुक गठबंधन में तनाव
यह घटना सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) समर्थित अलगाववादी गुटों के बीच बढ़ते तनाव को भी उजागर करती है। इन दोनों देशों ने हूती विद्रोहियों के खिलाफ संघर्ष में एक साथ काम किया है, लेकिन अब इनकी सेनाओं के बीच टकराव का खतरा बढ़ चुका है। यमन के दक्षिणी इलाकों में यह तनाव इन दोनों देशों के बीच एक नया मुद्दा बन सकता है, जो हूती विद्रोहियों के खिलाफ उनकी लड़ाई को और कमजोर कर सकता है।
सऊदी अरब का नेतृत्व: क्या है अगला कदम?
सऊदी अरब ने इस हमले की पुष्टि या खंडन अभी तक नहीं किया है, और न ही उन्होंने इस घटना के बारे में कोई बयान जारी किया है। फिलहाल, यह सवाल उठता है कि सऊदी अरब का अगला कदम क्या होगा? क्या वह दक्षिणी यमन के अलगाववादी गुटों से और अधिक कदम उठाने की उम्मीद करेगा, या फिर इस संकट को सुलझाने के लिए अपने नीति में बदलाव करेगा?
यमन की जंग में नया मोड़
इस घटना ने यमन की जंग में एक नया मोड़ ला दिया है, जहां सऊदी अरब और यूएई के गठबंधन के भीतर आंतरिक टकराव दिख रहे हैं। अगर सऊदी अरब और अलगाववादी गुटों के बीच तनाव और बढ़ता है, तो यह यमन के संघर्ष में एक नया और जोखिमपूर्ण अध्याय हो सकता है।
समाप्ति की ओर बढ़ते हुए संघर्ष
यमन का संघर्ष अब एक नई दिशा में बढ़ता दिखाई दे रहा है, और यह दुनिया भर में एक और भू-राजनीतिक उथल-पुथल को जन्म दे सकता है। दक्षिणी यमन के इस संघर्ष ने यमन के संघर्ष को और जटिल बना दिया है, और यह आने वाले दिनों में एक बड़े संघर्ष का रूप ले सकता है।
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क्यों बढ़ रहा है तनाव?
सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात के बीच तनाव का कारण मुख्य रूप से इन दोनों देशों के भीतर बढ़ते राजनीतिक और सैन्य हितों के टकराव हैं। यमन में इन दोनों देशों का अलग-अलग दृष्टिकोण है, जो अब खुले तौर पर संघर्ष का रूप ले चुका है।
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