Site icon Dainik Savera Times

बीच में ही अटकी ईरान-अमेरिका की दूसरी शांति वार्ता, ट्रंप ने रद्द किया अपने खास दूतों का दौरा

Iran-US Peace Talks

Iran-US Peace Talks

इंटरनेशनल डेस्क: ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची इस समय ओमान में हैं। वह इस्लामाबाद से लौट आए हैं। हाल ही में उन्होंने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख आसिम मुनीर से मुलाकात की थी। युद्ध को खत्म करने के लिए एक नया फॉर्मूला पेश किया। अब खबर सामने आ रही है कि अब्बास अराघची एक बार फिर पाकिस्तान जा सकते हैं।

दूसरी तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने खास दूतों जेरेड कुशनर और स्टीव विटकॉफ का पाकिस्तान दौरा अचानक रद्द कर दिया है। ये दोनों अधिकारी ईरान के साथ बातचीत के लिए इस्लामाबाद जाने वाले थे, जिसके कारण शांति वार्ता बीच में ही अटक गई। अब ट्रंप ने अपने दूतों की पाकिस्तान यात्रा रद्द करने के फैसले का खुलकर बचाव किया है। ये दूत ईरान के साथ शांति वार्ता के लिए इस्लामाबाद जाने वाले थे, लेकिन ट्रंप का कहना है कि ईरान की ओर से आया प्रस्ताव उनकी उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा।

ये भी पढ़ें: ट्रंप ने जारी की सुरक्षा ब्रीच की वीडियो, दिखाई शूटर की एंट्री, हिरासत में लिए सस्पेक्ट की तस्वीरें भी आई सामने

पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि ईरान ने बातचीत के लिए कुछ शर्तें रखी थीं, लेकिन वे पर्याप्त नहीं थीं, जब उनसे पूछा गया कि क्या ईरान ने समृद्ध यूरेनियम पर कम से कम 20 साल तक रोक लगाने के अमेरिकी प्रस्ताव के बदले कुछ पेश किया था, तो उन्होंने कहा कि ईरान ने काफी कुछ देने की बात की, लेकिन वह अमेरिका के लिए संतोषजनक नहीं था।

ट्रंप ने पाम बीच इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर बातचीत के दौरान यात्रा रद्द करने की कई वजहें भी बताईं। उन्होंने कहा कि इतनी लंबी यात्रा करना समय और पैसे दोनों की बर्बादी है। उन्होंने खुद को एक किफायती व्यक्ति बताते हुए कहा कि वे बेवजह खर्च करने के पक्ष में नहीं हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि ईरान की तरफ से बातचीत के लिए कोई बड़ा या प्रमुख नेता शामिल नहीं हो रहा था। ऐसे में वे अपने खास दूतों जेरेड कुशनर और स्टीव विटकॉफ को ऐसे लोगों से मिलने नहीं भेजना चाहते थे, जिन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ज्यादा पहचान नहीं है। ट्रंप के मुताबिक, ईरान का नेतृत्व इस समय अंदरूनी मतभेदों में उलझा हुआ है।

ट्रंप ने दावा किया कि उनके इस सख्त फैसले का तुरंत असर भी देखने को मिला। उन्होंने कहा कि जैसे ही यात्रा रद्द की गई, उसके करीब 10 मिनट के अंदर ईरान की तरफ से एक नया और पहले से बेहतर प्रस्ताव भेजा गया। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनका मुख्य उद्देश्य सिर्फ यह सुनिश्चित करना है कि ईरान परमाणु हथियार न बना सके। उनके अनुसार, इस मुद्दे पर अमेरिका मजबूत स्थिति में है।

दूसरी ओर ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि उन्होंने युद्ध को हमेशा के लिए खत्म करने के लिए एक ठोस योजना पेश की है। उन्होंने अमेरिका की मंशा और गंभीरता पर सवाल उठाए। अराघची ने इस्लामाबाद में पाकिस्तानी नेताओं से मुलाकात की और अपनी मांगों की एक आधिकारिक सूची भी सौंपी। पाकिस्तान इस पूरे मामले में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है, लेकिन ट्रंप के इस फैसले से उसकी कोशिशों को झटका लगा है।

ये भी पढ़ें: हाई स्कोरिंग मैचों के बाद अंकतालिका में उथल-पुथल, किसके सर पर सजी ऑरेंज और पर्पल कैप?

जब ट्रंप से युद्धविराम को आगे बढ़ाने के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि इस पर अभी कोई फैसला नहीं किया गया है। शांति समझौते के लिए 4 मई की समयसीमा तय की गई है। अगर ईरान बातचीत करना चाहता है, तो उसे सीधे संपर्क करना होगा। आगे की बातचीत अमेरिका यानी व्हाइट हाउस की शर्तों के आधार पर ही होगी।

Exit mobile version