Last Updated: September 25, 2026

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रूस में भीषण बर्फबारी का कहर: बड़े वाहन और चार मंजिला इमारतें दबीं, देखें VIDEO

January 18, 2026

रूस में भीषण बर्फबारी का कहर: बड़े वाहन और चार मंजिला इमारतें दबीं, देखें VIDEO

इंटरनेशनल: रूस के सुदूर पूर्व में स्थित कामचटका प्रायद्वीप इस समय भीषण प्राकृतिक आपदा से जूझ रहा है। बता दें कि बीते दिन को हुई असाधारण बर्फबारी ने पूरे क्षेत्र को बर्फ की मोटी चादर से ढक दिया है। हालात इतने भयावह हैं कि कई इलाकों में चार मंजिला इमारतें और बड़े-बड़े वाहन तक बर्फ के नीचे समा गए हैं।

लगातार सक्रिय शक्तिशाली साइक्लोन और कम दबाव वाले तूफानों के कारण क्षेत्र में कई मीटर तक बर्फ जम चुकी है। राजधानी पेट्रोपावलोव्स्क-कामचात्स्की सबसे अधिक प्रभावित शहरों में शामिल है, जहां पिछले 30 वर्षों का बर्फबारी का रिकॉर्ड टूट गया है। कुछ रिहायशी इलाकों में बर्फ की ऊंचाई इमारतों की ऊपरी मंजिलों तक पहुंच गई, जिससे लोगों का घरों से बाहर निकलना तक मुश्किल हो गया।

खिड़कियों से बाहर निकलने को मजबूर लोग

स्थिति यह है कि कई परिवार अपने घरों के मुख्य दरवाजों का इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं। लोगों को खिड़कियों से कूदकर सीधे बर्फ के ढेर में उतरना पड़ रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि लोग फावड़ों की मदद से सुरंगें खोदकर अपने घरों से बाहर निकल रहे हैं।

एक वीडियो में एक व्यक्ति अपनी कार को लगभग पांच मीटर मोटी बर्फ की परत से निकालने की कोशिश करता दिख रहा है। उसने बताया कि कार को उस जगह खड़ा किया गया था, जहां पहले कभी इतनी बर्फ नहीं जमी थी, लेकिन इस बार पूरी गाड़ी पूरी तरह दफन हो गई। कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद कार बाहर तो आई, लेकिन आसपास जमी बर्फ के कारण उसे चलाना लगभग असंभव हो गया।

आपातकाल घोषित, स्कूल और उड़ानें रद्द

13 जनवरी से शुरू हुए इस तूफानी दौर ने महज एक दिन में सामान्य मासिक वर्षा का 30 से 60 प्रतिशत हिस्सा गिरा दिया। हालात को देखते हुए प्रशासन ने आपातकाल की घोषणा कर दी है। स्कूलों को बंद कर दिया गया है, सार्वजनिक परिवहन सेवाएं ठप हैं और कई उड़ानें रद्द करनी पड़ी हैं।

आपातकालीन सेवाएं बुजुर्गों और फंसे हुए लोगों तक पहुंचने के लिए बर्फ में रास्ते बना रही हैं। हालांकि, इस आपदा ने जानलेवा रूप भी ले लिया है। छत से गिरती बर्फ की चपेट में आकर दो लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जिनमें एक 63 वर्षीय व्यक्ति शामिल है।

क्यों होती है कामचटका में इतनी बर्फबारी

कामचटका प्रायद्वीप प्रशांत महासागर और ओखोत्स्क सागर के बीच स्थित है। पहाड़ी भूगोल और ठंडी हवाओं के कारण यहां नमी जमा होती है, जिससे भारी बर्फबारी होती है। इस साल बार-बार आ रहे साइक्लोन ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन के चलते महासागरों का तापमान बढ़ रहा है, जिससे वातावरण में नमी अधिक रहती है और ठंडे क्षेत्रों में अत्यधिक हिमपात देखने को मिल रहा है।

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आगे और मुश्किलें संभव

स्थानीय प्रशासन ने बर्फ हटाने के लिए अतिरिक्त मशीनरी और कर्मियों को तैनात किया है, लेकिन मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में और बर्फबारी की चेतावनी दी है। कामचटका के लोग इस “बर्फीली आपदा” से जूझते हुए सामान्य जीवन को पटरी पर लाने की कोशिश कर रहे हैं। यह स्थिति इस सर्दी में रूस के सुदूर पूर्वी इलाके की सबसे गंभीर प्राकृतिक घटनाओं में से एक मानी जा रही है।

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