Last Updated: September 21, 2026

Dainik Savera Times Logo

दक्षिणी चीन में Storm Maysak का कहर, 39 लोगों की गई जान

July 9, 2026

दक्षिणी चीन में Storm Maysak का कहर, 39 लोगों की गई जान

Storm Maysak: दक्षिणी चीन में आए ट्रॉपिकल स्टॉर्म ‘मेसाक’ ने भारी तबाही मचा दी है। लगातार हो रही तेज बारिश और बाढ़ के कारण अब तक 39 लोगों की मौत हो चुकी है। कई शहरों में सड़कें पानी में डूब गई हैं, नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं और हजारों लोगों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

बांध टूटने से सबसे ज्यादा नुकसान

स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, सबसे बड़ा हादसा गुआंग्शी क्षेत्र के नाननिंग शहर में हुआ, जहां तेज बारिश के कारण एक बांध टूट गया। इस हादसे में 26 लोगों की जान चली गई और कई अन्य लोग घायल हुए। प्रशासन का कहना है कि कुछ लोगों की तलाश अब भी जारी है।

क्या है ट्रॉपिकल स्टॉर्म ‘मेसाक’?

‘मेसाक’ एक ट्रॉपिकल स्टॉर्म है, जो पश्चिमी प्रशांत महासागर और दक्षिण चीन सागर के गर्म पानी के ऊपर बनता है, जब किसी चक्रवाती प्रणाली में लगातार चलने वाली हवाओं की रफ्तार 63 से 118 किलोमीटर प्रति घंटा के बीच होती है, तब उसे ट्रॉपिकल स्टॉर्म कहा जाता है। यदि हवा की रफ्तार 119 किलोमीटर प्रति घंटा या उससे अधिक हो जाए, तो वही तूफान टाइफून कहलाता है।

इस बार इतना नुकसान क्यों हुआ?

इस साल बना ट्रॉपिकल स्टॉर्म मेसाक पहले दक्षिण चीन सागर में सक्रिय हुआ और फिर हैनान द्वीप से गुजरते हुए दक्षिणी चीन की ओर बढ़ गया। इसके साथ हुई लगातार मूसलाधार बारिश ने कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए। बारिश के कारण नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया। कई जगह पानी आबादी वाले इलाकों में घुस गया और कुछ स्थानों पर बांध भी टूट गए। इससे घर, सड़कें और खेती की जमीन पानी में डूब गई, जिससे लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ा।

‘मेसाक’ नाम कैसे रखा गया?

‘मेसाक’ नाम माइक्रोनेशिया की ओर से विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) और उसकी टाइफून समिति को दिया गया है। पश्चिमी प्रशांत क्षेत्र में आने वाले चक्रवातों के नाम पहले से तैयार सूची के अनुसार रखे जाते हैं। हर नए तूफान को उसी सूची के क्रम में नाम दिया जाता है।

ट्रॉपिकल स्टॉर्म और टाइफून में क्या अंतर है?

दोनों ही उष्णकटिबंधीय चक्रवात होते हैं, लेकिन उनकी ताकत अलग होती है। ट्रॉपिकल स्टॉर्म में हवा की रफ्तार 63 से 118 किलोमीटर प्रति घंटा होती है। वहीं टाइफून में हवा की रफ्तार 119 किलोमीटर प्रति घंटा या उससे अधिक होती है यानी टाइफून, ट्रॉपिकल स्टॉर्म की तुलना में ज्यादा शक्तिशाली और अधिक नुकसान पहुंचाने वाला होता है।

राहत और बचाव अभियान जारी

आपदा के बाद स्थानीय प्रशासन, बचाव दल और राहत एजेंसियां प्रभावित इलाकों में लगातार काम कर रही हैं। कई लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। हालांकि कई इलाके अब भी पानी में डूबे हुए हैं, जिससे राहत कार्य में दिक्कतें आ रही हैं। प्रशासन प्रभावित परिवारों तक भोजन, पीने का पानी, दवाइयां और दूसरी जरूरी सहायता पहुंचाने की कोशिश कर रहा है।

मौसम विभाग की चेतावनी

चीनी मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि दक्षिणी चीन के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश जारी रह सकती है। इसके चलते अचानक बाढ़ और भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे निचले इलाकों से दूर रहें, मौसम विभाग के निर्देशों का पालन करें और बिना जरूरी काम के यात्रा करने से बचें।

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें